*✨जनजातीय और आदिवासी कलाकारों को प्राप्त हुआ पूज्य संतों का आशीर्वाद*

*💥परमार्थ निकेतन में माँ गंगा के पावन तट पर रामलीला के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति के दर्शन*

*🌸परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य स्वामी दयाराम दास जी, पूज्य स्वामी कृष्णाचार्य जी, पूज्य स्वामी ईश्वरदास जी एवं महंत रवि शास्त्री जी का पावन सान्निध्य*

*💥गुजरात की धरती पर परमार्थ निराश्रित आश्रम के निर्माण तथा वृद्धजनों एवं निराश्रितजनों के सेवा-कार्यों में सहयोग हेतु शिकागो से आए श्री विक्रम शाह जी एवं श्रीमती वेनीता शाह जी का किया अभिनंदन*

*🌺माँ शबरी रामलीला: भक्ति, समरसता और जनजातीय संस्कृति का दिव्य संगम*

ऋषिकेश, 13 अक्टूबर। माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित माँ शबरी रामलीला भक्ति, श्रद्धा, भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है। प्रभु श्रीराम के जीवन-आदर्शों और माँ शबरी की अनन्य भक्ति को समर्पित यह दिव्य आयोजन जनजातीय एवं आदिवासी कलाकारों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ समाज में प्रेम, समानता, सम्मान और मानवीय संवेदना का संदेश दे रहा है।

इस पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य स्वामी दयाराम दास जी, पूज्य स्वामी कृष्णाचार्य जी, पूज्य स्वामी ईश्वरदास जी एवं महंत रवि शास्त्री जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। पूज्य संतों ने जनजातीय एवं आदिवासी कलाकारों को आशीर्वाद प्रदान कर उनकी कला, साधना और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान किया।

माँ शबरी की कथा भारतीय संस्कृति में भक्ति की उस अनुपम शक्ति का प्रतीक है, जो सामाजिक भेदभाव, ऊँच-नीच और बाहरी पहचान की सीमाओं से ऊपर उठकर हृदय की पवित्रता को सर्वोपरि रखती है। माँ शबरी का जीवन-संदेश देता है कि प्रभु के लिए सबसे मूल्यवान वस्तु किसी व्यक्ति का वैभव नहीं, बल्कि उसका निष्कपट प्रेम, अटूट विश्वास और समर्पण है। प्रभु श्रीराम द्वारा माँ शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित बेरों को स्वीकार करना समानता का शाश्वत संदेश देता है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता, करुणा और समरसता में है। माँ शबरी रामलीला जनजातीय एवं आदिवासी समुदायों की कला, परंपराओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को व्यापक पहचान देने का उत्कृष्ट माध्यम है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि यह मंच उन प्रतिभाओं को सामने लाता है, जिनकी सांस्कृतिक विरासत भारतीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। संस्कृति का संरक्षण केवल परंपराओं को संजोना ही नहीं, बल्कि उन्हें जीवंत रखने वाले समुदायों को सम्मान और समान अवसर प्रदान करना भी है।

इस अवसर पर गुजरात की धरती पर परमार्थ निराश्रित आश्रम के निर्माण तथा वृद्धजनों एवं निराश्रितजनों की सेवा के पुनीत कार्यों में सहयोग के लिए शिकागो से पधारे श्री विक्रम शाह जी एवं श्रीमती वेनीता शाह जी का पूज्य स्वामी जी ने अभिनंदन किया। उनका यह सहयोग सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की उस भावना का प्रतीक है, जो भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता को एक सूत्र में जोड़ती है। वृद्धजनों और निराश्रितजनों के जीवन में सहारा, सम्मान और आत्मीयता प्रदान करना भारतीय संस्कृति के सेवा-प्रधान मूल्यों की सजीव अभिव्यक्ति है।

माँ गंगा के तट पर आयोजित माँ शबरी रामलीला भारतीय संस्कृति के विविध रंगों को एक आध्यात्मिक मंच प्रदान करती है। यह आयोजन प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने, जनजातीय एवं आदिवासी संस्कृति को सम्मान देने तथा सेवा और समरसता के संकल्प को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है।

इस आयोजन में मैनेजिंग ट्रस्टी, सैस फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं माँ शबरी रामलीला से जुड़े श्री शक्ति बख्शी जी, श्री विश्व मोहन जी, श्री मनोज त्यागी जी, श्री सुमित कुमार जी, श्री जितेंद्र चौरसिया जी एवं डॉ. मुकेश कुमार जी का उल्लेखनीय सहयोग रहा। अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से सभी का मन मोहने वाले कलाकार राहुल, हितेश, चंचल, राहुल परिहार एवं हरमीत सिंह, निदेशक डॉ. अनु जी, चारू सिंह जी, उपनिदेशक श्री प्रवीण जी तथा पूरी टीम का अभिनंदन किया गया।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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