देहरादून।अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (पंजी) उत्तराखंड के  प्रतिनिधि मंडल द्वारा संतोष वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए,एस पी सिटी श्री प्रमोद कुमार को प्रार्थना पत्र दिया जिसमें उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी संतोष वर्मा (मध्य प्रदेश) ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए ब्राह्मण जाति की बेटियो पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी का दान न कर दे या मेरे बेटे से संबंध न बनवा दे, तब तक आरक्षण जारी रहे। उन्होंने कहा कि अशोक वर्मा आजक्स संगठन के अध्यक्ष हैं संतोष वर्मा तो आजक्स संगठन के अध्यक्ष भी नहीं हैं। अशोक मौर्य का कहना है कि हमारे संगठन द्वारा कोई अध्यक्ष की नियुक्ति ही नहीं हुई पता नहीं कैसे संतोष वर्मा,फर्जी तरीके से अध्यक्ष नियुक्त हो गए और हमारे संगठन का नाम भी बदनाम कर दिया गया, उनका कहना है कि संतोष वर्मा के ऊपर पहले से ही कई सारे मुकदमे भी चल रहे हैं।

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा(पंजी) उत्तराखंड ऐसे अधिकारी की घोर निंदा करते हुए अनुरोध करती है कि संतोष वर्मा के खिलाफ चल रहे मुकदमों और पूर्व में 6 महीने की सजा काट चुके को संज्ञान में भी लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करके,शीघ्र कानूनी कार्यवाही की कृपा करें। आपकी अति कृपा होगी। समस्त ब्राह्मण वर्ग आपका आभारी होगा।
रिपोर्ट दर्ज करने वालों में प्रमुख रूप से मन मोहन शर्मा (एडवोकेट) प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड ,उमाशंकर शर्मा (तीर्थपुरोहित)
प्रदेश महासचिव ,लालचंद शर्मा,एवं सुरेंद्र शर्मा , प्रदेश संरक्षक मनोज कुमार शर्मा प्रदेश संगठन मंत्री,संदीप धूलिया प्रदेश उपाध्यक्ष, सत्येंद्र दीक्षित एडवोकेट युवा अध्यक्ष,सीताराम नौटियाल एडवोकेट विजेंद्र प्रसाद ममगई ,, दिलीप राणा एडवोकेट चरणजीत चडढ़ा, कार्तिक गुप्ता एडवोकेट ,डीपी उपाध्याय, कार्तिक नौटियाल ,दुष्यंत थपलियाल, त्रिलोक नाथ तिवारी, सचिन दीक्षित, बॉबी धीमान, मोहिन ,अमर सिंह यादव, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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