*चारधाम यात्रा 2026ः तैयारियों को लेकर गढ़वाल आयुक्त ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक,*

*चारधाम यात्रा को बनाएँ और भी सुरक्षित और सुविधाजनक, व्यवस्थाएं समय पर करें पूरी।*

*मा0 मुख्यमंत्री की पहलः चारधाम यात्रा होगी सुरक्षित, सुगम और सरल, व्यवस्थाएं होंगी मजबूत*

*चारधाम यात्रा में बडा बदलावः मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे पर पूर्ण प्रतिबंध*

*गढ़वाल आयुक्त के सख्त निर्देशः चारधाम से जुड़े कार्यो टेंडर 07 दिन में, फास्ट ट्रैक पर हो काम शुरू*

*देहरादून।मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पांडेय ने शनिवार को ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाए जाने के उद्देश्य से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों की समस्त सड़कों को दुरुस्त रखने, पार्किंग क्षमता बढ़ाने, पैदल मार्गों के सुधारीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, हेली सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

चारधाम यात्रा 2026 की इस प्रथम समीक्षा बैठक में गत वर्ष की यात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं एवं अनुभवों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही श्री केदारनाथ, श्री बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री एवं श्री हेमकुंड साहिब की आगामी यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने हेतु कार्ययोजना पर चर्चा की गई। गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि विगत यात्रा सीजन में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की तथा सभी के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुगम एवं सरल बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।

गढ़वाल आयुक्त ने यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा से संबंधित अत्यावश्यक कार्यों की अपने स्तर पर स्क्रूटनी करते हुए एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा फास्ट ट्रैक मोड में कार्य प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिलों की मांग के अनुरूप शीघ्र ही बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले यात्रा सीजन में अत्यधिक वर्षा के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर मलवा आ गया था, जहां अस्थायी रूप से यातायात बहाल किया गया था। इस संबंध में उन्होंने एनएच, लोक निर्माण विभाग एवं बीआरओ को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर पड़े मलवे का प्राथमिकता के आधार पर एक माह के भीतर निस्तारण करते हुए सड़कों को सुचारू किया जाए।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि चारधाम यात्रा एक पवित्र धार्मिक यात्रा है। विगत सीजन में मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन एवं कैमरा ले जाने से दर्शन व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आई थीं। इसे देखते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस वर्ष से चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन एवं कैमरा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। साथ ही उन्होंने बीकेटीसी को श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन एवं कैमरा सुरक्षित रखने हेतु मंदिर परिसरों में पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने बताया कि यद्यपि अभी चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित नहीं हुई हैं, तथापि अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते हैं, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी के अवसर पर घोषित की जाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यात्रा अप्रैल माह से प्रारंभ होने की संभावना है, अतः सभी तैयारियों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।

गढ़वाल आयुक्त ने निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व चारों धामों एवं यात्रा मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, विद्युत, दूरसंचार, हेली सेवा तथा आपदा नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे क्रियाशील रखने की समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यात्रा मार्ग के सभी होटल एवं जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में यात्रियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था, होल्डिंग प्वाइंट एवं पार्किंग स्थलों की क्षमता विकसित करने तथा स्टेकहोल्डर्स के साथ पृथक बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। चारधाम यात्रा से संबंधित नितांत आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव तत्काल आंगणन सहित उपलब्ध कराने तथा जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यों की स्वयं निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। किसी भी समस्या की स्थिति में त्वरित समाधान हेतु आपसी समन्वय एवं सीधे संपर्क बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी पौड़ी श्रीमती स्वाति एस. भदौरिया, जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल श्रीमती निकिता खण्डेलवाल, जिलाधिकारी उत्तरकाशी श्री प्रशांत आर्या, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग श्री प्रतीक जैन, जिलाधिकारी चमोली श्री गौरव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून श्री अभिनव शाह, एसएसपी हरिद्वार श्री पी.एस. डोभाल, एसएसपी पौड़ी श्री सर्वेश पंवार, एसपी टिहरी श्री टी.आर. जोशी, एसपी चमोली श्री सुरजीत सिंह पंवार, अपर आयुक्त श्री उत्तम सिंह चौहान, एमडी जीएमवीएन श्री विशाल मिश्रा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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