*देहरादून में सहकारिता मेला 2025 का भव्य आयोजन, सीएम धामी ने किया उद्घाटन*

*सीएम धामी बोले— सहकारिता केवल आर्थिक मॉडल नहीं, सामाजिक परिवर्तन का माध्यम*

*670 सहकारी समितियां पूरी तरह डिजिटल, उत्तराखंड बना देश का मॉडल राज्य*

*सहकारिता के ज़रिए किसानों, महिलाओं और युवाओं को मिल रहा सीधा लाभ: मुख्यमंत्री*

*महिला सहकारिता और स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण*

‘ *लखपति दीदी’ अभियान से महिला आत्मनिर्भरता को नई उड़ान: सीएम*

*नकल विरोधी कानून, UCC और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस से बदला उत्तराखंड का भविष्य*

*नाबार्ड के ‘स्टेट फोकस पेपर 2026-27’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन*

*उत्तराखंड में सहकारिता बनी पारदर्शिता और तकनीक की मिसाल*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 में प्रतिभाग किया। यह आयोजन “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” एवं उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता मेला केवल उत्पादों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सहकारिता शक्ति, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय जीवन पद्धति का मूल संस्कार रही है, जहां व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज के सामूहिक हित के लिए कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में सहकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने के लिए देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज सहकारिता सुधारों में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। पूरे देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत उत्तराखंड से हुई और आज प्रदेश की सभी 670 सहकारी समितियां पूर्णतः डिजिटल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले किसान दफ्तरों के चक्कर काटता था, वहीं आज मोबाइल फोन के माध्यम से सभी सेवाओं से जुड़ रहा है— यही कांग्रेस के कागजी मॉडल और भाजपा के जमीनी मॉडल का अंतर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समितियां अब केवल ऋण देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयां, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में बीमा, पेंशन, बिजली बिल, आधार एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं कभी बोझ मानी जाती थीं, वे आज जनता के लिए सुविधा केंद्र बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सहकारी समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज सहकारी बैंकों में हजारों करोड़ रुपये की जमा पूंजी जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सहकारिता समितियों और स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे लाखों महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को केवल नारे दिए, जबकि भाजपा सरकार ने अवसर दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए भी संकल्पबद्ध है। अवैध कब्जों, लैंड जिहाद और अवैध संरचनाओं पर सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध मदरसों पर कार्रवाई, ऑपरेशन कालनेमि और समान नागरिक संहिता इसी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है, जिसके चलते हजारों युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नौकरी बिकती थी, जबकि आज योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।

भ्रष्टाचार पर सरकार की नीति स्पष्ट बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो टॉलरेंस के तहत कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा— चाहे वह बड़ा अधिकारी हो या छोटा कर्मचारी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित “स्टेट फोकस पेपर 2026-27, उत्तराखंड” का विमोचन किया तथा सहकारी समूहों को पांच-पांच लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण के चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहकारिता मेला आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक जनआंदोलन बनेगा और प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को और अधिक मजबूती देगा।

राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही |


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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