*सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात, उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मिलेगी गति*

**उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत 315 मोटर मार्गों को शीघ्र स्वीकृति देने पर सहमति।**

**315 मोटर मार्गों की लंबाई 1,777 किलोमीटर, ₹2,526 करोड़ की लागत से होंगे निर्माण कार्य; 32 सेतुओं के निर्माण पर ₹182 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव।**

*₹2,708 करोड़ की लागत के सड़क एवं सेतु निर्माण कार्यों से 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य, दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार।**

**उत्तराखंड के 213 अतिरिक्त सड़क प्रस्तावों, जिनकी लंबाई 1,360 किलोमीटर है, पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए विचार करने का आश्वासन; मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का जताया आभार।**

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत ग्रामीण सड़क संपर्क के विस्तार, पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत सड़क एवं सेतु निर्माण के प्रस्तावों की स्वीकृति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY-IV) के अंतर्गत प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति बनी। केंद्रीय मंत्री ने राज्य के प्रस्तावों पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

*प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत ₹2,708 करोड़ के कार्यों को शीघ्र स्वीकृति देने पर सहमति*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की चुनौतियों तथा ग्रामीण आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अंतर्गत राज्य द्वारा व्यापक स्तर पर सड़क एवं सेतु निर्माण के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत उत्तराखंड के लिए **315 मोटर मार्गों, जिनकी कुल लंबाई 1,777 किलोमीटर है, के निर्माण हेतु ₹2,526 करोड़ की लागत के प्रस्ताव** प्रस्तुत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इन प्रस्तावों के अंतर्गत **32 सेतुओं के निर्माण के लिए ₹182 करोड़** की लागत प्रस्तावित है। इस प्रकार सड़क एवं सेतु निर्माण से संबंधित इन कार्यों की कुल प्रस्तावित लागत **₹2,708 करोड़** है।

बैठक में इन 315 मोटर मार्गों तथा 32 सेतुओं से संबंधित कार्यों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की गई। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विस्तार होगा और लंबे समय से बेहतर आवागमन की आवश्यकता महसूस कर रहे क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

*610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य, ग्रामीण विकास को मिलेगी मजबूती*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का महत्वपूर्ण आधार है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विशेष महत्व है। ऐसे में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क नेटवर्क का विस्तार राज्य की विकास प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश की **610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य** है। इन क्षेत्रों में सड़क सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय निवासियों को दैनिक आवागमन में सहूलियत मिलेगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने तथा ग्रामीणों को रोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जुड़ने में मदद मिलेगी।

सड़क संपर्क बेहतर होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों और उनसे जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार राज्य के संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए आवश्यक है। सड़क संपर्क के माध्यम से गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी तथा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

*213 अतिरिक्त सड़क प्रस्तावों पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए विचार करने का आश्वासन*

बैठक के दौरान उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क नेटवर्क के विस्तार से संबंधित अतिरिक्त प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री को राज्य की आवश्यकताओं से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए आगे भी व्यापक स्तर पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

इस क्रम में 213 अतिरिक्त सड़क कार्यों के प्रस्ताव, जिनकी कुल लंबाई 1,360 किलोमीटर है, पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इन प्रस्तावों पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए विचार करने का आश्वासन दिया। इन अतिरिक्त प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय होने से राज्य में ग्रामीण सड़क संपर्क के विस्तार को और गति मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सड़क परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क सुविधाओं का विस्तार न केवल गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ेगा, बल्कि स्थानीय आबादी के लिए आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता को भी अधिक सुगम बनाएगा। राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के अनेक गांव प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, कृषि एवं स्थानीय उत्पादों की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। बेहतर सड़क संपर्क इन क्षेत्रों की क्षमताओं को विकसित करने में सहायक होगा। सड़क सुविधा मजबूत होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने, ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क की उपलब्धता आपातकालीन परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बेहतर मार्गों से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होती है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति अधिक सुगम बनती है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सुविधाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने में भी सहायता मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण कोई भी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

*मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का जताया आभार*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के सड़क एवं सेतु निर्माण प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाने तथा उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सहयोग का आश्वासन देने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में आधारभूत सुविधाओं के विकास को निरंतर गति मिल रही है। राज्य सरकार पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। ग्रामीण सड़क संपर्क का विस्तार प्रदेश के समग्र विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती तथा आम नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित सड़क एवं सेतु परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति मिलने से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, दूरस्थ बसावटों की मुख्यधारा से कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उत्तराखंड के समावेशी विकास के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *