*सीएम धामी बोले – सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अब “सोशल चेंज मेकर्स”, समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं**डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में बड़ा कदम, सीएम धामी ने क्रिएटर्स मीट 2025 में रखी नई दृष्टि**“एक ट्वीट से होता है तत्काल समाधान” — सीएम धामी ने बताया कैसे सोशल मीडिया बना सरकार और जनता के बीच का मजबूत सेतु**भ्रामक खबरों पर सख्ती: सीएम धामी ने क्रिएटर्स से फैक्ट-चेक कर सच जनता तक पहुँचाने की अपील की**उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और लोक उत्पादों को बढ़ावा देने में क्रिएटर्स की बड़ी भूमिका: मुख्यमंत्री धामी*

*नेगेटिव कंटेंट क्रिएटर्स पर सीएम का निशाना — ‘व्यूज की दौड़ में नैतिकता न भूलें’*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़े अनेक कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल उद्यमी, व्लॉगर्स तथा युवा इंफ्लुएंसर्स ने प्रतिभाग किया ।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अनेक सोशल मीडिया क्रिएटर्स से अनौपचारिक संवाद किया तथा उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। युवा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ हुए इस संवाद को मुख्यमंत्री ने “युवा सोच और डिजिटल ऊर्जा का संगम” बताया।*विकसित भारत—श्रेष्ठ भारत में उत्तराखंड की भूमिका पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण*

एक युवा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत–श्रेष्ठ भारत @2047’ दृष्टिकोण में उत्तराखंड की भूमिका के बारे में प्रश्न किया। इसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत का आधार तभी सुदृढ़ होगा जब देश और राज्य का हर ब्लॉक, हर तहसील, हर जिला और हर गांव सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है—चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, पर्यटन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य या उद्यमिता—सभी क्षेत्रों में तेज़ प्रगति की जा रही है।

*भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख*

एक अन्य क्रिएटर द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्न पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि अब तक 200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और “भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई आगे भी पूरी दृढ़ता से जारी रहेगी।”*राज्य में हो रहे विकासात्मक प्रयासों का उल्लेख*

मुख्यमंत्री श्री धामी ने बताया कि राज्य की सामूहिक प्रगति के लिए अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की GSDP को दोगुना करने के लक्ष्य पूरा हो चुका है | हेली कनेक्टिविटी को बड़े स्तर पर विस्तार दिया जा रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है, उत्तराखंड में औद्योगिक क्रांति और निवेश वातावरण को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं | ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और श्रृंखलाबद्ध रोड शो के माध्यम से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है
अब तक 3.56 लाख करोड़ से अधिक के MOU साइन किए जा चुके हैं और 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है| राज्य में पर्यटकों की संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है,सरकार के प्रयासों से शीतकालीन यात्रा के भी अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं*महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री का संदेश*राज्य में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने स्वरोज़गार, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक कौशल के क्षेत्र में पूरे देश के सामने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता इतनी उत्कृष्ट है कि वे कई मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं। सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण तथा उनकी उद्यमशीलता को और मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाओं पर कार्य कर रही है।

*राज्य की सोशल मीडिया नीति पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण*

राज्य की आगामी सोशल मीडिया नीति से जुड़े प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष तक उत्तराखंड सरकार की नई सोशल मीडिया नीति लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह नीति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचनाओं के बेहतर प्रसारण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी संप्रेषण तथा राज्य के युवाओं और क्रिएटर्स को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि क्रिएटर कम्युनिटी को प्रोत्साहित किया जाए और डिजिटल माध्यमों के जरिए राज्य की संस्कृति, पर्यटन, उद्यमिता एवं उपलब्धियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया आज सूचना, संवाद और जनभागीदारी का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी घटना की जानकारी कुछ ही सेकंड में लाखों–करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है और सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज को एक व्यापक मंच प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करने वाला एक प्रभावशाली मंच बन गया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका अब केवल कंटेंट क्रिएशन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन लाने वाले सोशल चेंज मेकर्स के रूप में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की शक्ति के कारण ही आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बना दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी डिजिटल उत्तराखंड के निर्माण हेतु संकल्पबद्ध है। शासन को अधिक पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। पहले शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालयों में बार-बार जाना पड़ता था, जबकि अब एक ट्वीट या संदेश के माध्यम से तत्काल सुनवाई और समाधान संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया है, जिससे प्रशासन और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह हुआ है।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया का प्रयोग गलत अफवाहें फैलाने, सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने और जनहितकारी योजनाओं के बारे में भ्रम उत्पन्न करने के लिए करते हैं। उन्होंने सभी कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि किसी भी भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री का न केवल फैक्ट-चेक करें, बल्कि उसके सही तथ्यों को लोगों तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नकारात्मक कंटेंट क्रिएटर्स अधिक व्यूज और फॉलोअर्स पाने की होड़ में समाज, धर्म, सरकार या प्रदेश की छवि को नुक़सान पहुँचाने वाली सामग्री प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि की इस प्रतिस्पर्धा में नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य को ध्यान में रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स राज्य के विकास में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक धरोहर और समाज की उपलब्धियों पर आधारित सकारात्मक सामग्री न केवल राज्य की छवि को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुँचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी स्थानीय कारीगर या उत्पाद की एक सकारात्मक कहानी उसे राष्ट्रीय पहचान दिला सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी भी समस्या, शिकायत या जनहित से संबंधित जानकारी की जानकारी क्रिएटर्स को मिलती है, तो वे इसे तुरंत सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी प्रत्येक जानकारी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्रिएटर्स की जागरूकता और रचनात्मकता शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रही है और उन्हें विश्वास है कि इस संकल्प को साकार करने में क्रिएटर समुदाय भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, जागर गायक श्री प्रीतम भरतवाण, तथा देश–प्रदेश भर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं क्रिएटर्स उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *