असहाय जरूरतमदों के लिए वरदान बन गई जिला प्रशासन की रायफल; अब तक 15 लाख के चैक वितरित; 43 लाभार्थी लाभान्वित

रायफल क्लब फंड से आज फिर 07 असहाय, निर्बल लोगों को डीएम ने प्रदान की 1.75 लाख की आर्थिक सहायता,

कैंसर पीड़ित रेनू सिंह व जुनतारा देवी अब करा सकेंगी अपना उपचार; 25-25 हजार की आर्थिक सहायता

रायफल फंड लक्जरी ट्रांजेक्शन को डीएम ने बना दिया सेवा का हथियार; रायफल फंड का एक-एक बुलेट आ रहा जरूरतमंदो के काम

असहाय विधवा शोभा रावत, सुशीला देवी,सुरभि, पूजा, शकुंतला को 25-25 हजार आर्थिक सहायता

लक्सरी ट्रांजेक्शन रायफल फंड का उपयोग प्रथमबार निर्धन, निर्बल, असहायों के सहायतार्थ; 

मा0 मुख्यमंत्री के संकल्प, संचालित योजनाएं एवं उपलब्ध स्रोतों से वंचित वर्ग को करना ही है लाभान्वित।

देहरादून ।जिलाधिकारी सविन बसंल सक्रिय राइफल क्लब फंड से आज 07 असहाय, अक्षम और जरूरतंद लोगों को 1.75 लाख की आर्थिक बांटी गई तथा प्रत्येक लाभार्थी को 25-25 हजार आर्थिक सहायता के चैक प्रदान किए। जिले में प्रथमबार रायफल फंड का उपयोग निर्धन असहाय जरूरतमंदो की सहायता के लिए किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने प्रत्येक लाभार्थियों से बात की तथा उनका हालचाल जाना। जिले में अब तक रायफल फंड से 43 असहाय पात्र लाभार्थियों को 15 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने रायफल क्लब फंड जो मूलभूत सुविधाओं से हटकर एक लक्सरी ट्रंाजेक्शन है को निर्बल असहायों की सेवा हथियार बना दिया है, इसी का नतीजा है कि अब इस फंड का उपयोग सीएसआर गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास गरीब, असहाय और अक्षम लोगों समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का है। उन्होंने कहा कि इस छोटी से धनराशि से असहाय लोगों की समस्या का हम पूर्ण निवारण तो नहीं कर सकते है, परंतु आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनकी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिलाधिकारी पात्र लोगों का चिन्हिकरण कर उन्हें लभान्वित किये जाने हेतु उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी तथा तहसील टीम की हौसला बढाया। मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों पर समाज के वंचित वर्ग के लोगों को चिन्हित कर उनको सरकार की योजनाओं और विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध फंड से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

मोथोरोवाला निवासी विधवा महिला शोभा रावत पति के देहान्त होने के कारण दिव्यांग पुत्र की जिम्मेदारी भार स्वरोजगार हेतु स्वरोजगार हेतु 25 हजार आर्थिक सहायता चैक प्रदान किया गया। लोहिया नगर निवासी वृद्धएकल विधवा महिला सुशीला जिनके एक पुत्र की भी मृत्यु हो गई है, कोई सहारा नही है को भरणपोषण जीवन यापन हेतु 25 हजार आर्थिक सहायता दी गई। संस्कृति लोक कालोनी निवासी विधवा सुरभि शर्मा घर चलाने में असमर्थ, बच्चों के लालन-पालन शिक्षा की बड़ी जिम्मेदारी है को स्वरोजगार हेतु 25 हजार की आर्थिक सहायता। किशनपुर निवासी कैंसर पीड़ित रेनू सिंह को उपचार हेतु 25 हजार की फौरी आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा मोतीबाजार निवासी जुनतारा देवी जो कैंसर पीड़ित हैं को 25 हजार आर्थिक सहायता प्रदान की गई। नालापानी निवासी पूजा देवी, पति व पुत्र की मृत्यु उपरान्त खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रही साईं वाटिका चन्दाताल शकुंतला देवी को 25 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने प्रथम बार जिले में राइफल फंड का उपयोग किया जिससे जिले में अब तक इस फंड से धनराशि रू0 15 लाख की सहायता पात्र लोगों को वितरित की गई है, जिसमें इ झुग्गी बस्ती प्रेमनगर में बालवाडी मरम्मत हेतु दिव्यांग महिला को धनराशि रू0 1,30000, ग्राम फनार तहसील त्यूनी निवासी गरीब बिधवा महिला नीतू दुर्गादेवी के विद्युत बिल की धनराशि रू0 18000, अनाथ अदिति के पिता द्वारा लिए गए बैंक ऋण रू0 50000, भगत सिंह कालोनी निवासी शमीमा को स्वरोजगार हेतु धनराशि रू0 30,000, सरस्वती शिशु मंदिर प्रबन्धक समिति भोगपुर जहां दूर-दूर से बच्चें पढने आते हैं, को बच्चों के परिवहन हेतु वाहन के लिए धनराशि रू0 5,73950 की प्रदान की गई सहायता शामिल है। ज्ञातब्य है कि राइफल क्लब वर्ष 1959 से संचालित है जिसमें नये शस्त्र लाइसेंस, लाइसेंस पंजीकरण, नवीनीकरण, शस्त्र लाइसेंस सीमा विस्तार, गन लाइसेंस की टीएल/एनओसी, शस्त्र विक्रय अनुमति, शस्त्र लाइसेंस श्रेणी परिवर्तन, शस्त्र क्रय करने की समयावधि बढ़ाने आदि के लिए राइफल फंड में अनुदान लिया जाता है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कपिल कुमार सहित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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