07-केदारनाथ विधान सभा उप निर्वाचन को निष्पक्ष एवं कुशलता के साथ संपादित कराने के लिए कार्मिकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ गहरवार ने लिया जायजा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कार्मिकों को शांत मन एवं संवेदनशीलता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के दिए निर्देश, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया संपादित कराते समय गलती की कोई गुंजाइश न रहे।

आगामी 07-केदारनाथ विधान सभा उप निर्वाचन 2024 को निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं शांतिपूर्वक ढंग से संपादित कराने के लिए कार्मिकों को उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण का जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ गहरवार ने आज राजकीय महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में पहुंचकर उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण का जायजा लिया। इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित कार्मिकों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि सभी कार्मिक निर्वाचन प्रक्रिया संपादित कराने में दक्ष हैं। जिन्होंने विगत लोक सभा निर्वाचन को सकुशल एवं सफलता से संपादित कराया गया है। इसी तरह इस उप निर्वाचन को भी निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने में अपना पूर्ण योगदान देंगे।

उन्होंने सभी कार्मिकों से अपेक्षा की है कि उन्हें जो प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है उसे शांत मन एवं संवेदनशीलता के साथ प्राप्त करें तथा किसी तरह की शंका एवं समाधान के लिए प्रशिक्षण दे रहे मास्टर ट्रेनरों द्वारा ही प्रशिक्षण के दौरान उसका समाधान करा लें ताकि निर्वाचन प्रक्रिया संपादित कराने के समय किसी भी प्रकार से कोई दिक्कत एवं परेशानी न होने पाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी एवं कार्मिक को घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी प्रकार की समस्या के लिए उन्हें एवं उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा सकता है।

इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा ईवीएम प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिकों से कहा कि सभी कार्मिक ईवीएम एवं वीवीपैट्स के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की कोई समस्या न होने पाए। इस अवसर पर उन्होंने कार्मिकों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का स्वयं परख कर जायजा लिया तथा नोडल अधिकारी खानपान को निर्देश दिए हैं कि भोजन की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी उन्हें जो प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है उसे भली-भांति ग्रहण करें ताकि निर्वाचन प्रक्रिया संपादित करते समय किसी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए। उन्होंने कहा कि उप निर्वाचन को सफलतापूर्वक सम्पादित कराने के लिए प्रथम प्रशिक्षण के दूसरे दिन 260 कार्मिकों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। जिसमें प्रथम मतदान अधिकारी तथा यूनिक बूथ, पिंक बूथ एवं दिव्यांग बूथ के कार्मिक शामिल है।

उन्होंने बताया कि अब तक 531 कार्मिकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इनमें पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, सेक्टर व जोनल अधिकारी रिटर्निंग अधिकारी तथा नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि आज आयोजित प्रशिक्षण में कार्मिकों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन कराने सहित त्रुटिरहित निर्वाचन संपादित कराने का गहनता से अध्ययन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को विधिक जानकारी एवं प्रयोगात्मक ट्रेनिंग भी कराई गई। इस अवधि में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उनके द्वारा ट्रेनिंग में निरीक्षण करते हुए अधिकारियों की ट्रेनिंग को देखा गया। उन्होंने बताया कि निर्वाचन में तैनात सभी अधिकारियों को अधिक सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्वाचन में कोई त्रुटि न रहे।

इस अवसर पर मतदान कार्मिकों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ भी दिलाई गई।  मास्टर ट्रेनर मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र सिंह बिष्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में तैनात अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि निर्वाचन के लिए प्रस्थान से पूर्व सभी पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी उन्हें उपलब्ध कराई गई निर्वाचन सामग्री की भली-भांति परीक्षण कर लें। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण की विस्तार से जानकारी दी।

मास्टर ट्रेनर मनोज सिंह बिष्ट ने ईवीएम एवं वीवीपैट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में तैनात कर्मियों कंट्रोल यूनिट एवं बैलेट यूनिट पर लगाए गए एड्रेस टैग की जांच कर सुनिश्चित कर लें कि कंट्रोल यूनिट एवं बैलेट यूनिट संबंधित मतदान केंद्र का ही हो।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र बिष्ट, जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दीप्ति चमोली, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी सहित संबंधित अधिकारी व प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिक मौजूद रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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