*जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं सीवरेज निर्माण कार्य, पेयजल लाइनों के मरम्मत कार्य एवं अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश*
*सभी व्यवस्थाओं को दूरस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ डाम कोठी में समीक्षा बैठक*
*शहर को सुव्यवस्थित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है जिलाधिकारी मयूर दीक्षित*
*हरिद्वार, 24 सितंबर 2026*
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गुरुवार को डाम कोठी में जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने,यातायात व्यवस्था को दूरस्त करने के लिए,अतिक्रमण, सीवर, पेयजल एवं गैस पाइप लाइन के लिए खोदी गई सड़कों को दूरस्त करने, शहर में विद्युत पोल पर लगे केबिल के तारों को हटाने आदि व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा बैठक लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों को जनपद की सभी प्रमुख एवं संपर्क सड़क मार्गों को अभियान चलाकर शीघ्र गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल मरम्मत कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी ने शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रमुख चौराहों, बाजारों और अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को नगर निगम, पुलिस एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सड़क एवं फुटपाथों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फुटपाथ आम नागरिकों और पैदल चलने वालों के लिए हैं, इसलिए उन पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में उन्होंने सभी केबिल ऑपरेटरों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अव्यवस्थित, झूलते एवं अनुपयोगी केबिल तारों को तत्काल हटाया जाए तथा सभी तारों को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित किया जाए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त हो और शहर की सुंदरता भी बनी रहे।
जिलाधिकारी ने सीवरेज कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि जहां-जहां सीवर लाइन डालने अथवा मरम्मत कार्य के कारण सड़कें खोदी गई हैं, वहां कार्य शीघ्र पूर्ण कर सड़कों को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति बाधित होने या रिसाव की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि विद्युत के झूलते तारों को दूरस्त करने एवं ट्रांसफार्मर पर उगी झाड़ियों का कटान कर साफ सफाई करने के निर्देश दिए तथा चौराहों एवं सड़क किनारे किसी रेहड़ी ठेली या फड़ को अवैध विद्युत कनेक्शन उपलब्ध न कराया जाए यदि किसी को अवैध कनेक्शन उपलब्ध कराए गए है तो उनका निरीक्षण कर तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा प्रगति की समीक्षा भी समय-समय पर की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, परियोजना प्रबंधक नमामि गंगे मीनाक्षी मित्तल,लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता योगेश मेहरा,जल संस्थान अधिशासी अभियंता विपिन चौहान, केबिल ऑपरेटरों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।