*रजत जयंती पर कोषागार में पेंशन जागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का डीएम ने किया उद्घाटन,*

*सुविधाओं का विस्तार-डीएम की प्रेरणा से कोषागार में पेंशनरों के लिए बना सुविधा हॉल, शौचालय, पार्किंग शेड और आरोहण सभागार*

*जिला प्लान से बना 25 लाख का ‘‘आरोहण’’ सभागार, डीएम ने किया लोकार्पण, पेंशनरों को मिलेगी आधुनिक सुविधा।*

*कोषागार में तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए डीएम ने मौके पर दी 10 नए कम्प्यूटर की मंजूरी*

*संघर्ष और सेवा को सम्मान-राज्य आंदोलनकारी पेंशनरों व 100 वर्षीय प्रेमवती डोभाल को डीएम ने शिविर में किया सम्मानित।*

*देहरादून ।जिलाधिकारी सविन बसंल ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर 25 नवंबर,2025 को मुख्य कोषागार देहरादून में पेंशन जागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ करते हुए राज्य आंदोलनकारी पेंशनरों को सम्मानित किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने मुख्य कोषागार में पेंशनरों की सुविधा के लिए जिला प्लान से 25 लाख लागत में नवनिर्मित ‘‘आरोहण’’ सभागार का लोकापर्ण भी किया और मुख्य कोषागार कार्यालय को 10 नए कम्प्यूटर देने की स्वीकृति भी प्रदान की। 

शिविर में जिलाधिकारी ने राज्य आंदोलनकारी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल, श्रीमती कौशल्या रावत, श्रीमती सरोज सिंह बहुगुणा, श्री राजेश्वर सहित अपने जीवन के 100 वर्ष पूर्ण कर चुकी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती प्रेमवती डोभाल को पुष्प गुच्छ, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल को मौके पर ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई। 

जिलाधिकारी ने पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि कोषागार में जो भी बुजुर्ग पेंशनर आते है, उनको सम्मान के साथ उनका अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए कोषागार को पेंशनरों के लिए सरल एवं सुविधाजनक बनाया गया है। उन्होंने बुजुर्ग पेंशनरों को रिटायर्ड जीवन में सुखी और स्वस्थ्य रहने की कामना करते हुए सामाजिक मेल मिलाप बनाए रखने, पढ़ने की आदतों को जीवित रखते हुए अपने अनुभवों से समाज सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान बनाए रखने की अपील की। 

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने पेंशनर जागरूकता शिविर को उपयोगी बताते हुए उप कोषागार के माध्यम से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता शिविर लगाने की बात कही। ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे पेंशनरों तक भी आसानी से जानकारी पहुंच सके।

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भण्डारी ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल ने देहरादून जिले का कार्यभार लेते समय कोषागार का निरीक्षण किया था। तभी उन्होंने कोषागार को पेंशनरों के लिए सरल, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने के निर्देश के साथ बजट की स्वीकृत प्रदान की थी। जिलाधिकारी की प्रेरणा से आज मुख्य कोषागार कार्यालय में फेसिलिटेशन हॉल, दिव्यांगजन व महिलाओं के लिए शौचालय, पार्किंग शेड और ‘‘आरोहण’’ सभागार का निर्माण कराया गया है। जिससे पेंशनरों को उचित सुविधा मिल पा रही है। सीटीओ ने इसके लिए कोषागार परिवार एवं पेंशनरों की तरफ से जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का आभार व्यक्त किया। 

शिविर में पेंशनरों के निःशुल्क चिकित्सा जांच के साथ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, साइबर सुरक्षा, आयकर अधिनियम एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्यव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से घर बैठे एंड्रॉयड मोबाइल ऐप के द्वारा, कोषागार में उपस्थित होकर बायोमेट्रिक उपकरण की सहायता से, पोस्टमैन के माध्यम से, जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से जमा कराये जाने हेतु सही विकल्प के बारे में बताया गया। सीटीओ ने बताया कि वर्तमान में कोषागार देहरादून के अंतर्गत लगभग 21,000 पेंशनर पेंशन प्राप्त कर रहे है। पेंशनरों को अधिक से अधिक संख्या में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने हेतु प्रोत्साहित एवं जानकारी प्रदान करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया, जिससे पेंशनर घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकेंगे। शिविर में पहुंचे बजुर्ग पेंशनरों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवा वितरण भी किया गया।

शिविर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सेवानिवृत्त सीटीओ पीसी खर्रे, पेंशन यूनियन संघ के अध्यक्ष ओमवीर सिंह सहित कोषागार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद थे।

 


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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