मंत्रिमंडल की बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय

1. पारेषण लाईनों के निर्माण में मार्गाधिकार सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण हेतु विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों एवं अनुपूरक दिशा-निर्देशों को पिटकुल हेतु अंगीकार किये जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।

उपरोक्त के फलस्वरूप पिटकुल द्वारा निर्मित की जाने वाली 66 के.वी. एवं इससे अधिक क्षमता के अंतर्राज्यीय पारेषण लाइनों के निर्माण हेतु भू-स्वामियों को न्यायसंगत मुआवजा प्रदान कर Right of Way से संबंधित विवादों के समाधान एवं परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करते हुए मुआवजे की राशि में वृद्धि की गई है। अब पारेषण लाईनों के लिए बनाए जाने वाले टावर के चारों कोने के नीचे के क्षेत्र एवं इसके एक मीटर की परिधि के अंतर्गत आने वाली भूमि के लिए मुआवजा की राशि सर्किल रेट का दो गुना की गई है। पारेषण लाईन के नीचे अवस्थित खेतांे के लिए भी निर्धारित सर्किल दर के आधार पर ग्रामीण क्षेत्र में 30 प्रतिशत, अर्द्ध नगरीय में 45 प्रतिशत एवं नगरीय क्षेत्र में 60 प्रतिशत की दर पर मुआवजा देय होगा। सर्किल रेट एवं मार्केट रेट के दर पर बहुत अधिक अंतर होने की दशा में जिलाधिकारी या उनके द्वारा नामित अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति देय मुआवजे की दरों का निर्धारण करेगी। इस समिति में भूमि के स्वामियों का प्रतिनिधि भी बतौर सदस्य सम्मिलित किया जाएगा।

2. उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025“ के प्रख्यापन को मंत्रिमण्डल की स्वीकृति।

विभागों के अन्तर्गत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, कानूनों में छोटी तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों के लिये नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्यवाही आंरभ करने एवं कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाये जाने आदि उद्देश्यों हेतु भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के क्रम में ’उत्तराखण्ड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025’ को यथाप्रक्रिया प्रख्यापित किये जाने की मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गयी है। इस अध्यादेश की प्रमुख विशेषतायें निम्नवत् हैंः-

(1) छोटे / विनियामक/प्रासंगिक अपराधों के लिए कारावास को मौद्रिक दंड से प्रतिस्थापित किया गया है।

(2) जहाँ निवारण की आवश्यकता थी, वहाँ दंड बढ़ाए गए या आनुपातिकता सुनिश्चित करने के लिए पुनर्गठित किए गए।

(3) स्वतः संशोधनः निवारक मूल्य बनाए रखने के लिए सभी जुर्माने / दंड हर तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़ाए जाएंगे।

(4) प्रशासनिक / सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर (उदाहरण के लिए, अनिवार्य उत्पाद वापसी, अनुपालन का शपथ पत्र)।

(5) गंभीर या बार-बार किए गए अपराधों के लिए अभी भी कारावास हो सकता है, लेकिन सख्त सीमाओं के भीतर

3. भारत सरकार द्वारा Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2025-26 (SASCI 2025-26) में प्रदत्त दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्य में नवीन भवनों के निर्माण में ग्रीन बिल्डिग के मानको को प्रोत्साहित किये जाने हेतु अतिरिक्त FAR दिए जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।

उक्तानुसार पर्वतीय क्षेत्रों में पहाड़ी शैली एवं मैदानी क्षेत्रों में पारम्परिक श्रेणी के भवन निर्माणों को प्रोत्साहित किये जाने हेतु अतिरिक्त FAR देयता हेतु भवन निर्माण एवं विकास उपविधि/विनियम, 2011 में ग्रीन बिल्डिंग/हरित निर्माण तथा अन्य से संबंधित प्रावधानों का समावेश किये जाने के उद्देश्य से कतिपय संशोधन करने, मुख्यतः ऊर्जा दक्षता और स्थिरता मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा नवीन भवनों में शीत छत (Cool Roof) / हरित छत (Green Roof) एवं नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का समावेश किए जाने से संबंधित प्राविधानों को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।

4. भारत सरकार द्वारा SASCI 2025-26 में प्रदत्त दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्यान्तर्गत लागू भवन निर्माण एवं विकास उपविधि को युक्तिसंगत किए की मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति।

उक्तानुसार राज्य में प्रचलित भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अन्तर्गत मार्ग चौड़ाई, व्यावसायिक विकास के अन्तर्गत व्यावसायिक/कार्यालय के सैट बेक, भू-आच्छादन एवं FAR होटल की ऊँचाई एवं रिजोर्ट एवं इको-रिजोर्ट हेतु भू-आच्छादन एवं FAR, पहुँच मार्ग, पार्किंग में स्टिल्ट की ऊँचाई के वर्तमान प्रावधानों में संशोधन कर इन्हें युक्तिसंगत किए जाने का अनुमोदन।

राज्य में पर्यटन विकास की संभावनों के दृष्टिगत इको-रिजोर्ट की भांति ही अब रिजॉर्ट निर्माण के लिए भी भू-उपयोग परिवर्तन के बिना कृषि भूमि का उपयोग किया जा सकेगा। इसके साथ ही रिजॉर्ट निर्माण हेतु पहुंच मार्ग की चौड़ाई के मानकों को भी घटाकर पर्वतीय क्षेत्र के लिए 6 मीटर और मैदानी क्षेत्र के लिए 9 मीटर किया गया है।

5. विषयः-Uttarakhand Town Planning Scheme (Implementation) Rules, 2025 के प्रख्यापन किए जाने को कैबिनेट की स्वीकृति।

राज्य के शहरी क्षेत्र के अन्तर्गत नियोजित शहरी क्षेत्र के विकास के लिए सभी आय वर्ग के लोगों के लिए इंटीग्रेटेड रोड नेटवर्क एवं आवासों के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से टाउनशिप को विकसित किये जाने हेतु संबंधित मानकों को विनियमित किए जाने के निमित्त Uttarakhand Town Planning Scheme (Implementation) Rules, 2025 प्रख्यापित किए जाने का अनुमोदन।

6. राज्य के शहरी क्षेत्र के अन्तर्गत योजनाबद्ध विकास को सुव्यवस्थित किए जाने के उद्देश्य से बिना किसी अड़चन के भूमि प्राप्त करने सम्बन्धी मानकों को विनियमित किए जाने हेतु Uttarakhand Land Pooling Scheme (Implementation) Rules,2025 प्रख्यापित किए जाने की मंत्रिमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई है।

7. उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय में भी अन्य विश्वविद्यालयों की भांति फैकल्टी की भर्ती लोक सेवा आयोग की जगह अब विश्वविद्यालय के स्तर से किए जाने को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

8. उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग, अधीनस्थ अभियन्त्रण (कनिष्ठ अभियन्ता सिविल, प्राविधिक, विद्युत तथा यांत्रिक) सेवा नियमावली, 2007 में संशोधन को कैबिनेट द्वारा स्वीकृति।

वर्तमान नियमावली, 2018 के नियम-5 ’क’ (1) (ब) में कनिष्ठ अभियन्ता के पद पर भर्ती के स्रोत में 05 प्रतिशत विभाग में मौलिक रूप से नियुक्त समूह ’ग’ के कर्मचारियों, (मानचित्रकार, लिपिक, व्यक्तिक सहायक, लेखा संवर्ग, मोटर चालक आदि अन्य संवर्ग) जिन्होंने विभाग से अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात् अथवा सेवा में आने से पूर्व नियम 8 में विहित अर्हताएं अर्जित की हों और भर्ती वर्ष के प्रथम दिवस को विभाग में दस वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो, में से अपने-अपने संवर्ग के स्वीकृत पदों की संख्या के अनुपात“ में लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति द्वारा भरे जाने का प्राविधान है। अब उक्त नियम में “… अपने-अपने संवर्ग के स्वीकृत पदों की संख्या के अनुपात“ को विलोपित करते हुये “… भर्ती वर्ष के प्रथम दिवस को विभाग में दस वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो, में से लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति से भरे जाने की व्यवस्था की गई है।

9. पिथौरागढ़ में स्थित नैनी-सैनी एयरपोर्ट को वाणिज्यिक एवं नागरिक विमानों के संचालन, बुनियादी ढांचे के विकास, निर्माण, आधुनिकीकरण तथा रख-रखाव एवं प्रबन्धन के उद्देश्य से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण AAI को स्थायी रूप से हस्तान्तरित किये जाने एवं इस निमित राज्य सरकार व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण AAI के मध्य MoU हस्ताक्षरित किये जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

10. जनपद उधमसिंहनगर के तहसील सितारगंज अन्तर्गत कल्याणपुर में भूमिहीनों, आपदा या अन्य कारणों से विस्थापित खेतिहर मजदूरों को आवंटित भूमि के विनियमितीकरण हेतु निर्धारित सर्किल दर को शिथिल किये जाने के संबंध मे. मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।

जनपद उधमसिंहनगर के तहसील सितारगंज अन्तर्गत कल्याणपुर में भूमिहीनों, आपदा या अन्य कारणों से विस्थापित खेतिहर मजदूरों को आवंटित भूमि के विनियमितीकरण हेतु वर्ष-2016 की सर्किल दर को शिथिल करते हुए शुल्क निर्धारण वर्ष-2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए किये जाने तथा तदोपरांत प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार शुल्क निर्धारित किये जाने निर्णय। सर्किल रेट शिथिल किये जाने से प्रभावित / विस्थापित परिवार अपनी भूमि को विनियमित करा सकेंगे तथा भूमि का मालिकाना हक मिलने से उन्हें ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकेंगे।

11. राज्य में गतिमान मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अन्तर्गत सायलेज पर वर्तमान में स्वीकृत 75 प्रतिशत अनुदान को घटाकर 60 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

सायलेज की मांग में निरन्तर हो रही वृद्धि के दृष्टिगत एवं मांग के सापेक्ष पर्याप्त सायलेज की आपूर्ति करते हुए अधिक से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित किये जाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग की मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना में सायलेज पर वर्तमान में दिये जा रहे 75 प्रतिशत अनुदान को घटाकर 60 प्रतिशत किये जाने का लिया गया निर्णय।

12. डेरी विकास विभाग की साईलेज एवं दुधारू पशुपोषण योजना के अन्तर्गत साईलेज पर अनुदान दर 60 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।

डेरी विकास विभाग की साईलेज एवं दुधारू पशुपोषण योजना (सामान्य) के अन्तर्गत साईलेज की मांग में निरन्तर वृद्धि होने के दृष्टिगत एवं अधिक से अधिक पशुपालको को लाभान्वित करने के उद्देश्य से डेरी विकास विभाग की साईलेज एवं दुधारू पशुपोषण योजना तथा सहकारिता विभाग की घस्यारी कल्याण योजना में साईलेज पर वर्तमान में दिये जा रहे 75 प्रतिशत अनुदान को घटाकर 60 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

13. देहरादून शहर में प्रस्तावित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड परियोजनओं (4 लेन) के निर्माण कार्यों हेतू जी.एस.टी.एवं परियोजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सामग्री पर देय होने वाली रॉयल्टी के व्यय भार हेतु छूट प्रदान किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दवाब को कम करने हेतु प्रस्तावित रिस्पना एवं बिन्दाल ऐलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का निर्माण एन.एच.ए.आई. द्वारा निष्पादित कराया जाना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उक्त दोनों परियोजनाओं के सिविल निर्माण का पूर्ण व्यय भार भारत सरकार द्वारा वहन किये जाने पर इस प्रतिबन्ध के अधीन सहमति व्यक्त की गयी कि राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, यूटीलिटी शिफ्टिंग का व्यय भार स्वयं वहन किया जायेगा एवं डी.पी.आर. में आंकलित होने वाली जीएसटी तथा परियोजना में प्रयुक्त होने वाली सामग्री पर देय होने वाली रायल्टी को राज्य सरकार द्वारा छूट दिये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

14. सगन्ध पौधा केन्द्र (कैप), सेलाकुई का नाम परिवर्तित कर परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान संस्थान (Institute of Perfumery and Aromatic Research) (IPAR) करने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

15. स्क्रैप वाहनों के सापेक्ष समान श्रेणी के नये वाहनों के पंजीयन के समय मोटरयान कर में छूट प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूँजीगत निवेश हेतु राज्यों के लिए विशेष सहायता योजना 2025-26 के अनुसार Initiative-A के माइलस्टोन 1 के अन्तर्गत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार बीएस-1 एवं बीएस-2 प्रकार के परिवहन एवं गैर परिवहन यानों को स्क्रैप किये जाने की स्थिति में समान श्रेणी के नये वाहनों के पंजीयन के समय देय मोटरवाहन कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

16. मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योेजना को कैबिनेट ने दी मंजूरी

राज्य विश्वविद्यालयों एवं शासकीय तथा अनुदानित महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को, जो विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल सर्विसेज (, रक्षा सेवाएं, बैंकिंग, रेलवे, एस०एस०सी० अथवा समान प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा तथा विभिन्न प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु तथा योग्यता निर्धारण के लिए होने वाली परीक्षाओं (CAT, MAT, GATE, NE, CSIR आदि) की तैयारी कर अपना भविष्य निर्माण करना चाहते हैं, उनके लिए निःशुल्क ऑन लाईन कोचिंग हेतु मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के संचालन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

उक्त कोचिंग सुविधा राष्ट्रीय स्तर की किसी अनुभवी संस्थान के माध्यम से प्रदान की जायेगी, जिनका चयन एक पारदर्शी प्रक्रिया से किया जायेगा। ऑनलाइन माध्यम से प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों द्वारा पाठ्यवस्तु पढ़ाई जायेगी। अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन वीडियों, प्रैक्टिस पेपर चयनित संस्थान द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। विभिन्न प्रकृति के प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिगत विभिन्न कोचिंग संस्थाओं को एम्पैनल किया जाएगा जिनकी सुविधाएं छात्रों को प्राप्त हो सकेंगी।

उक्त योजना के अन्तर्गत लाइव क्लास, लर्निंग टूल्स AI-आधारित, पर्सनलाइज्ड संदेह समाधान, रीयल-टाइम प्रदर्शन विश्लेषण, अनुकूल मूल्यांकन, प्रत्येक छात्र के लिए सुरक्षित लॉगिन (डेस्कटॉप, टैबलेट, या मोबाइल ऐप के माध्यम से), लर्निंग संसाधन बहुभाषी अध्ययन सामग्री (अंग्रेजी, हिंदी, हिंग्लिश), डाउनलोड करने योग्य नोट्स, रिकॉर्डेड वीडियो, ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा स्कोर, वीडियो की उपलब्धता और प्रगति ट्रैकिंग के लिए डैशबोर्ड, प्रत्येक छात्र हेतु साप्ताहिक मेंटर सत्र, सामूहिक वार्तालाप, परामर्श और वर्षवार तैयारी ट्रैकिंग तथा कोचिंग संस्थानों द्वारा छात्रों को नियमित रूप से मेन्टरिंग सुविधा प्रदान की जाएगी।

17. माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत भी मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

इस योजना के अन्तर्गत 11वीं तथा 12वीं के छात्रों को CLAT, NEET, JEEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जायेगी।

18. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में अभियोजन निदेशालय की स्थापना देहरादून में किए जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के लागू होने के बाद प्रभावी एवं निष्पक्ष अभियोजन की दृष्टि से राज्य में अवर न्यायालय से उच्च न्यायालय तक अभियोजकों की नियुक्ति के प्रचलित समस्त तरीके एकीकृत करते हुए उक्त संहिता की धारा 18 के अन्तर्गत नियुक्त लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजक (या जिस भी नाम से वो ज्ञात हो), धारा 19 के अन्तर्गत नियुक्त सहायक लोक अभियोजक (या जिस भी नाम से वो ज्ञात हो) एवं धारा 20 के अन्तर्गत नियुक्त अभियोजन निदेशक, अभियोजन उप निदेशक एवं अभियोजन सहायक निदेशक (या जिस भी नाम से वो ज्ञात हो) एवं अन्य अधिकारियों के समस्त कार्य पर प्रभावी नियन्त्रण एवं पर्यवेक्षण हेतु पृथक से अभियोजन निदेशालय स्थापित किए जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया।

अभियोजन निदेशालय का प्रधान अभियोजन निदेशक होगा, जो राज्य में गृह विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कृत्य करेगा।

19. उत्तराखण्ड वित्त विभाग के अन्तर्गत माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को प्रख्यापित किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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