*स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों की जीवनगाथा विद्यालयों में प्रार्थना के समय सुनाई जाए- डॉ. ललित नारायण मिश्र*

*स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा हरिद्वार से देश भर में प्रवाहित देशभक्ति की धारा हरिद्वार को गौरवान्वित करती है- स्वामी शरद पुरी*

*अपनी गरिमा को समझें स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार – जितेन्द्र रघुवंशी*

*स्वतंत्रता सेनानी परिवार के प्रथम रविवार कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र-*

हरिद्वार । स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा संचालित *हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम* अभियान के अन्तर्गत देश के विभिन्न प्रान्तों में आज 37 वें रविवार में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत का गायन, स्मारकों, शहीद स्थलों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि समर्पित करने के साथ ही आजादी के दीवानों की जीवन गाथाएँ सुनाई गईं। इसी क्रम में अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क निकट जटवाड़ा पुल ज्वालापुर हरिद्वार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र भी शामिल हुए। सर्व प्रथम शिवडेल स्कूल के संचालक स्वामी शरद पुरी जी तथा आचार्य करुणेश मिश्रा ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया, शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर डॉ. मिश्र के साथ ही स्वामी शरद पुरी, जितेन्द्र रघुवंशी, आचार्य करुणेश मिश्रा, अशोक चौहान तथा वीरेन्द्र गहलौत द्वारा माल्यार्पण किया गया एवं सभी उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों, गणमान्य नागरिकों द्वारा पुष्पांजलियां समर्पित की गईं।

इस अवसर पर डॉ. ललित नारायण मिश्र ने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा देश भर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान के लिए *हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम* अभियान की प्रशंसा की। काकोरी काण्ड का उल्लेख करते हुए डॉ मिश्र ने कहा कि हमारे बच्चे अपने पाठ्यक्रम में विदेशियों का इतिहास तो पढ़ते हैं पर आजादी के क्रान्तिकारियों के इतिहास से वंचित हैं, अब आवश्यकता है कि विद्यालयों में प्रार्थना के बाद किसी एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या शहीद की जीवनगाथा विद्यार्थियों को सुनाई जाए। स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छ हरिद्वार बनाने के अभियान की जानकारी देते हुए स्वच्छता शपथ दिलाई और कहा कि स्वच्छता अभियान जैसे रचनात्मक कार्यों में स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों की भागीदारी जन सामान्य को स्वच्छता के प्रति सजग करेगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान के लिए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा संचालित यह अभियान हरिद्वार तथा उत्तराखण्ड को भी गौरवान्वित करता है।

इसके पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के सम्मान, उनके सपनों का भारत बनाने तथा उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्षरत स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने देश भर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल स्वतंत्रता सेनानी परिवारों तथा उपस्थित गणमान्य नागरिकों को सन्देश देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों का सम्मान अक्षुण्ण है, हमें अपनी गरिमा पहचाननी चाहिए, हमारे हर कार्य को समाज बहुत ही बारीकी से देखता है, हमारा कार्य नई पीढ़ी को देशभक्ति से अनुप्राणित करना है। हमें समाज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के वंशज होने के नाते एक सजग प्रहरी की पहचान बनानी चाहिए।

आज महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. प्रेम सिंह की 33 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद उनके पुत्र अशोक कुमार चौहान ने स्वतंत्रता आन्दोलन के समय दी गई यातनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 1941 में पिता जी ने ग्राम जलालपुर में व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन में भाग लिया था, जिसके कारण उन्हें एक वर्ष का कठोर कारावास तथा 100 रुपये के अर्थ दण्ड की सजा हुई थी और सहारनपुर जेल में रखा गया था। हमारी मां बताती हैं कि जेल में रहने तथा स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल रहने पर परिवार को भी किस तरह संघर्ष करना पड़ा। हरिद्वार जिले में जीवित दो वीरांगनाओं में से एक हमारी मां श्रीमती पार्वती देवी हैं, जिनका आशीर्वाद सभी स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को निरन्तर मिल रहा है।

शिवडेल स्कूल के संस्थापक स्वामी शरद पुरी महाराज ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को राष्ट्र की धरोहर बताया और कहा कि सरकार को इन परिवारों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए अन्यथा ये परिवार गौरैया पक्षी की भांति कहीं विलुप्त प्रजाति में न गिने जाने लगें। उन्होंने हरिद्वार से देश भर में संचालित इस अभियान की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए गौरव की अनुभूति की।

प्रसिद्ध समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा ने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी द्वारा स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों को संगठित करने का जो अनवरत प्रयास किया जा रहा है, वह निश्चित रूप से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान की रक्षा में उपयोगी सिद्ध होगा। स्वतंत्रता सेनानी पं कृष्णानंद मिश्र के पौत्र एवं प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य करुणेश मिश्रा तथा समाजसेवी अरुण पाठक ने भी उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित किया। कार्यक्रम के समापन पर एक दिन पूर्व ही दिवंगत हुए महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. चेतन दास छाबड़ा के सुपुत्र श्री सुभाषचंद्र छाबड़ा की निर्विघ्न विकास यात्रा के लिए 2 मिनट मौन रखकर प्रार्थना की गई।

इस देशभक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रम में सर्व श्री कैलाश वैष्णव, ललित कुमार चौहान, अनुराग सिंह गौतम, वीरेन्द्र गहलोत, आदित्य गहलोत, शिवेंद्र गहलोत, परमेश चौधरी, जोगिंद्र तनेजा, रमेश चंद्र गुप्ता, डॉ. वेद प्रकाश आर्य, अरविन्द कौशिक, कमल कौशिक, राहुल कौशिक, सुनील कुमार चौहान, डा. नरेश मोहन, नरेन्द्र कुमार वर्मा, अशोक कुमार दिवाकर, अशोक चौहान, राकेश कुमार चौहान, कमलेश कुमार चौहान, यशवन्त कुमार चौहान, अशोक चौहान रामनगर, विवेक शर्मा, अर्जुन सिंह राणा, निर्दोष कुमार, शिव कुमार, रविन्द्र कुमार चौहान, आनंद सिंह चौहान, अजय सरोज, अमित चौहान, रमेश चंद गुप्ता, यशपाल सिंह ठाकुर, धीरज शर्मा, वीरेन्द्र कुमार सैनी,श्रीमती आशा रघुवंशी, सुमित्रा देवी, मनीषा चौहान, विनीता कौशिक, शीला चौहान, पद्मा देवी, अंजलि तथा उन्नति शर्मा सहित स्थानीय गणमान्य नागरिकों की भी उपस्थिति रही।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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