जिला प्रशासन की बड़ी कार्यवाही 17 गैस एजेंसियों, 45 प्रतिष्ठानों; 05 पेट्रोलपम्प का औचक निरीक्षण; 19 गैस सिलेंडर जब्त; गैस की कालाबाजारी में 02 गिरफ्तार; 2 मुकदमें दर्ज 

देहरादून। जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी गैस से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोलरूम सक्रिय है। जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल के निर्देशों जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र में संचालित कंट्रोलरूम में नागरिकों की एलपीजी गैस सम्बन्धी शिकायतों/समस्याओं के निस्तारण के सम्बन्ध कार्यवाही की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 341 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में सप्लाई कर रही एलपीजी गैस के सभी एजेंसियों के प्रतिनिधित्व और जिला प्रशासन की टीम द्वारा लगातार आ रही एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 29120 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 69 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 67 हजार के लगभग बैकलॉग है। 1 मार्च से अब तक 191548 घरेलू तथा 15336 व्यवसायिक गैस सिलेंडर का वितरण किया गया है। स्टॉक में 31807 सिलेंडर शेष है जिलें में एलपीजी गैस की मांग अनुसार आपूर्ति किये जाने हेतु लोड बढा दिए गए हैं, जिससे जल्द ही बैकलॉग में कमी आयेगी। जनमानस की सुविधा के लिए विभिन्न माध्यमों से गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर आज जिला प्रशासन की विभिन्न टीमों द्वारा जिले में 17 गैस एजेसियों 45 प्रतिष्ठानो, 05 पैट्रोल पम्प का औचक निरीक्षण किया गया। 19 गैस सिलेंडर जब्त किए गए डोईवाला में एक प्राथमिकी दर्ज करते हुए 2 को गिरफ्तार किया गया।

जिला प्रशासन ने जनमानस से अपील की है कि वे घबराएं नही होमडिलिविरी के माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता तक घर तक गैस आपूर्ति की जाएगी। वर्तमान में शहरी क्षेत्र के लिए एक बार गैस सिलेंडर प्राप्त करने के उपरान्त 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुकिंग करा पाएंगे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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