शहीदी दिवस’ पर भारत माता के अमर सपूतों सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को कोटि-कोटि नमन
परमार्थ निकेतन गंगा आरती वीरों को समर्पित
‘इंकलाब जिंदाबाद’ का उद्घोष आज भी हर भारतीय के हृदय में गूंजता है
ऋषिकेश, 23 मार्च। इंकलाब की ज्योति प्रज्वलित करने वाले अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का त्याग भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनका साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम न केवल स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में प्रेरणा का स्रोत था, बल्कि आज भी हर भारतीय के हृदय में ‘राष्ट्र सर्वाेपरि और राष्ट्र प्रथम’ की ज्योति प्रज्वलित करता है। परमार्थ निकेतन के इन वीर बलिदानियों को नमन करते हुये आज की परमार्थ गंगा आरती समर्पित की।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज बलिदान दिवस के पावन अवसर पर, हम उन महान क्रांतिकारियों को कोटि-कोटि नमन करते हैं जिनका भारत की स्वतंत्रता में अद्वितीय योगदान रहा। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता, अनगिनत बलिदानों का परिणाम है, जिसे हमें सदैव सहेजकर रखना है।
बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने उस समय संघर्ष का मार्ग चुना, जब अंग्रेजी शासन की कठोरता अपने चरम पर थी। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर यह सिद्ध कर दिया कि देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान से बढ़कर कुछ भी नहीं। इन वीरों ने न केवल विदेशी सत्ता को चुनौती दी, बल्कि भारतीय जनमानस में स्वतंत्रता के प्रति चेतना और आत्मविश्वास का संचार भी किया।
उनका जीवन त्याग, तप और अदम्य साहस की मिसाल है। युवावस्था में ही उन्होंने अपने व्यक्तिगत सुखों और भविष्य को त्यागकर राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखा। उनकी क्रांतिकारी विचारधारा और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का उद्घोष आज भी हर भारतीय के हृदय में गूंजता है।
स्वामी जी ने कहा कि आज के समय में, जब हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, तब इन वीर सपूतों का स्मरण हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। आज की युवा पीढ़ी उन वीर बलिदानियों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए ईमानदारी, परिश्रम और देशभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लें।

बलिदान दिवस पर हम अपने जीवन में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र के प्रति निष्ठा को सर्वाेच्च स्थान दें। यदि हम अपने दैनिक कार्यों में ईमानदारी और निष्ठा को अपनाएं, तो यही इन महान क्रांतिकारियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आज आवश्यकता है कि हम नई पीढ़ी को इन अमर वीरों के जीवन और उनके संघर्षों से परिचित कराएं, ताकि उनमें भी देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की भावना विकसित हो सके। शिक्षा, संस्कार और जागरूकता के माध्यम से हम उनके आदर्शों को आगे बढ़ा सकते हैं और एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकते हैं।
आइए, इस बलिदान दिवस पर हम यह संकल्प लें कि हम अपने राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए सदैव समर्पित रहेंगे। हम अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे और इन महान क्रांतिकारियों के सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान देंगे।
परमार्थ निकेतन से अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धापूर्वक नमन। उनका बलिदान युगों-युगों तक हमें प्रेरित करता रहेगा और उनके आदर्श हमारे राष्ट्र के पथप्रदर्शक बने रहेंगे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *