
Pandya, माता शबरी जैसी हो एकनिष्ठ साधना – डॉ. पण्ड्या
Pandya, Devotion, should be like that of mother Shabri – Dr. Pandya

नवरात्र पर शांतिकुंज में देश विदेश के हजारों साधक, कर रहे हैं गायत्री साधना
Pandya, अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि माता शबरी जैसी गुरु भक्ति में एकनिष्ठ हो, साधना करनी चाहिए।
माता शबरी की श्रद्धा निष्ठा के कारण ही उन्हें प्रभु श्रीराम ने भक्ति के नौ सोपानों का उपदेश दिया। इस नवरात्र साधना में माता शबरी की भाँति श्रद्धाभाव से जप साधना करें।

श्रीरामचरित मानस विषय पर अनेक पुस्तकों के व्याख्याकार Pandya, डॉ. पण्ड्या चैत्र नवरात्रि साधना के प्रथम दिन देश-विदेश से आये हजारों साधकों को शांतिकुंज के मुख्य सभागार में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जप साधना के दौरान संतों (सद्गुणों से ओतप्रोत) का सत्संग, भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा, उनके चरणों की सेवा, इंद्रियों का संयम, आत्म संतोष, सरल व्यवहार जैसे सद्गुण को अपनायें।
इससे भगवान की विशेष कृपा की प्राप्ति होगी,आध्यात्मिक विचारक डॉ पण्ड्या ने कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन सब कार्यों में सफलता की जननी है।
संसार रूपी भवसागर से पार करने के लिए सद्गुरु ही एकमात्र आधार हैं, उन्होंने साधनाकाल में साधनात्मक मनोभूमि बनी रहे, इस हेतु विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी, Pandya
इससे पूर्व गायत्री साधकों को श्याम बिहारी दुबे ने नवरात्र अनुष्ठान का संकल्प कराया और साधना के अनुशासन एवं विधि पर विस्तृत जानकारी दी और कहा कि सामूहिक गायत्री साधना से उत्सर्जित ऊर्जा भारत को विश्वगुरु बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
गायत्री के साधक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तपोभूमि शांतिकुंज में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों साधक नवरात्र साधना करने पहुँचे हैं ,Pandya
नवरात्र साधना के प्रथम दिन २७ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में कई पारियों में साधकों ने अनुष्ठान की सफलता एवं समाज के चहुंमुखी विकास की प्रार्थना के साथ यज्ञाहुतियाँ दीं।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के सैकड़ों युवाओं ने भी साधना के लिए संकल्पित हो सामूहिक जप अनुष्ठान प्रारंभ किया। देसंविवि के युवा, साधकों को साधना की पृष्ठभूमि से लेकर सफलता तक के विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन करेंगे।
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गायत्री परिवार प्रमुखद्वय ने दी नवसंवत्सर की शुभकामनाएँ
अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने हिन्दी नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विक्रम संवत् 2081 का नाम पिंगल होगा, इसका राजा मंगल है और राजा मंगल होने से समाज व राष्ट्र की उन्नति संभव है। देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने कहा कि संवत् 2081 देश की आध्यात्मिक जागरण से लेकर कई रचनात्मक कार्यक्रमों के लिए शुभ है।
संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने हिन्दी नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए साधकों की सफलता की कामना की,Pandya
