
Begun preparations for the Kumbh Mela, कुंभ-2027 की पेशवाईयों को लेकर मेला प्रशासन की तैयारियां शुरू
Begun preparations for the Kumbh Mela, The fair administration has begun preparations for the Kumbh Mela 2027 processions.

निरंजनी अखाड़े की पेशवाई को लेकर मेला प्रशासन और अखाड़े के सचिव ने किया मार्ग का निरीक्षण
Begun preparations for the Kumbh Mela, हरिद्वार, 07 अक्टूबर 2026 कुंभ मेला-2027( अर्ध ) के दौरान अखाड़ों द्वारा आयोजित की जाने वाली पेशवाईयों को लेकर अखाड़ों और मेला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
हालांकि कुम्भ मेलों के इतिहास में ये पहली बार होगा कि छ:साल के अंतराल में अर्ध कुंभ पर संतों की पेशवाईयां मेला क्षेत्र में पहुंचेंगी, हरिद्वार में मेला प्रशासन अखाड़ों के साथ समन्वय बनाते हुए पेशवाई मार्गों पर आवश्यक व्यवस्थाओं, साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर तैयारियों में जुटा है ।

इसी क्रम में बुधवार को श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्री महंत राम रतन गिरी के साथ मेला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के प्रस्तावित मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान पेशवाई को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं, सुगमता व सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर मौके पर ही विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
मेले में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी की पेशवाई एसएमजेएन पीजी कॉलेज परिसर, गोविंदपुरी से प्रारंभ होकर निरंजनी अखाड़ा परिसर स्थित छावनी स्थल में प्रवेश करती है।
अधिकारियों की टीम ने अखाड़े के सचिव के साथ गोविंदपुरी से रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, सिंहद्वार, देशरक्षक तिराहा, बाबा रामदेव पुलिया, झंडा चौक, बंगाली मोड़, शंकराचार्य चौक, तुलसी चौक, वाल्मीकि चौक होते हुए निरंजनी अखाड़ा मार्ग से अखाड़ा परिसर स्थित छावनी स्थल तक पूरे रूट का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पेशवाई के स्वरूप एवं इसमें शामिल होने वाले साधु-संतों, रथों, हाथियों, धार्मिक प्रतीकों, ध्वजों और झांकियों की संख्या एवं ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए मार्ग की भौतिक स्थिति का जायजा लिया गया।
मार्ग में आने वाली संभावित बाधाओं, यातायात व्यवस्था, विद्युत एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं, पेड़ों, मार्ग की चौड़ाई, प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्री महंत राम रतन गिरी ने पेशवाई को लेकर अधिकारियों से विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए कहा कि पेशवाईयों में बड़ी संख्या में साधु-संतों के साथ रथ, हाथी, धार्मिक प्रतीक, ध्वज और विभिन्न प्रकार की झांकियां शामिल होती हैं।
इनके स्वरूप एवं ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए मार्ग पर सुगम और सुरक्षित आवागमन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर सरकार एवं मेला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाने में साधु-संतों और अखाड़ों की ओर से प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले को ऐतिहासिक और गरिमापूर्ण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह गिल ने निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि पेशवाई मार्गों और छावनियों से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए समेकित कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुरूप सभी कार्य समय से पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि पेशवाई के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, अग्निशमन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से पेशवाई मार्ग में आने वाली संभावित बाधाओं को चिह्नित कर उनका समय से निराकरण कर मार्ग को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की अपेक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी श्रीमती पूनम कैंथोला, सीओ (कुंभ) उमेश मलिक, सीओ (यातायात) बिपेन्द्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव सहित मेला प्रशासन, पुलिस विभाग, फायर सर्विस, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, जल संस्थान, नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
