प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’  शिक्षा के उत्थान लिए जिला प्र्रशासन का क्रातिकारी विजन; असर धरातल पर; आत्मविश्वासी बने अपने सरकारी विद्या के मंदिर;

मा0 मुख्यमंत्री की प्रेरणा से डीएम का प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’’ से आधुनिक शिक्षा सुविधायुक्त बने सरकारी स्कूल

शिक्षा की एक उर्जावान सकारात्मक सोच ने बदली सरकारी शिक्षा प्रणाली की दशा और दिशा

जिले के सरकारी विद्यालय सहित कस्तूरबा गांधी बोर्डिंग विद्यालय त्यूनी, कोराबा, कालसी बने सुविधायुक्त 

जिले के सभी स्कूल जिला प्रशासन ने कराए फर्नीचरयुक्त संतृप्तः वाईट बोर्ड, लाईट, विद्युत, आउटडोर स्पोर्टस, वाटरटेंक्स 

देहरादून । प्रोजेक्ट उत्कर्ष अन्तर्गत देहरादून जिले के सरकारी स्कूल अब सुविधा सम्पन्न हो गए हैं। जिलाधिकारी स्वंय इन कार्यों की मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। मा0 मुख्यमंत्री की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बसंल ने जिले के सरकारी स्कूलों को सुविधायुक्त करने तथा निजी स्कूलों के समान सुविधाओं के लिए कमर कसी तथा जिले की कमान संभालते ही स्वास्थ्य, शिक्षा की के क्षेत्र में कार्य किए। जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’’ के माध्यम से मिशन के रूप में कार्य किया तथा निरंतर कार्यों की समीक्षा की उसी का नतीजा रहा है जिले के सरकारी स्कूल, अवस्थापना, उपकरण, खेल सुविधाओं से युक्त हो रहे हैं। बच्चों को शिक्षा के साथ ही खेल से भी जोड़े रखने हेतु सरकारी स्कूलों में खेल अवस्थापना सुविधा स्थापित की गई है। 

प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’ के तहत् जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लसारूम, लाईब्रेरी, वाइटबोर्ड, कक्षाओं में एलईडी बल्ब,  खेल मैदान विद्यालयों में शुद्ध पेयजल के लिए 379 टंकी, 820 मंकी नेट लगाए गए हैं। प्राथमिक विद्यालय में 428 बेबी स्लाईड, 321 झूले,  माध्यमिक विद्यालयों में 77 बॉलीबॉल, 129 बैडमिंटन कोर्ट, 474 विद्यालयों में ज्ञानवर्धक पेंटिंग्स बनाए गए हैं। ओएनजीसी द्वारा 34 विद्यालयों में 1974 फर्नीचर सेट, हुडको द्वारा 629 प्राथमिक विद्यालयों में 567 फर्नीचर सेट लगाए गए है।  वहीं जिला खनिज न्याास से 39 प्राथमिक विद्यालयों तथा 80 माध्यमिक विद्यालयों के लिए 4260 फर्नीचर सेट प्रदान किए गए हैं। 168 विद्यालयों में डिजिटल लर्निंग हेतु स्मार्ट टीवी लगाने की प्रक्रिया गतिमान है।

साथ ही जिले के तीन कस्तूरबा गांधी बोर्डिंग विद्यालय त्यूनी, कोराबा, कालसी सुविधा सम्पन्न हो रहे है, जिनमें डिजिटल स्मार्ट बोर्ड, प्रिन्टर, इन्टरनेट कनैक्शन, इन्वर्टर, सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, फर्नीचर, डाईनिंग टेबल, स्टडी टेबल, डबल डेकर बोर्ड, वाटर प्यूरीफायर, वाशिंग मशीन, रेफ्रीजरेटर, रोटीमेकर, वाटर गीजर, बच्चों के टेªकसूट, स्पोर्टस शूज, उपलब्ध कराए जा रहे है।

केजीबीवी कोरवा में डिजिटल बोर्ड, 100 कुसी टेबल, 16सीसीटीवी कैमरा, 30 रूम हीटर, 4 वाटर प्यूरीफायर , रोटीमेकर, इन्टरनेट कनैक्शन वाईफाई, 19 डाईनिंग टेबल 150 कुर्सी की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। तथा विद्यालय में कम्प्यूटर आपरेटर तथा सफाई हेतु कार्मिक रखे गए हैं जिनका वर्ष में 4 लाख मानदेय का प्राविधान किया गया है। 4 वाशिंग मशीन, 1 रेफ्रीजरेटर, इन्वर्टर, 10 सीसीटीवी कैमरे, 150 जोड़ी टेªकसूट, जूते, तथा 2 सेनट्री मशीन की क्रय  प्रक्रिया गतिमान है। विद्यालय के 150 कुर्सी, 50 डबलडेकर बेड, 7 गीजर दिए जा रहे हैं। डीएम द्वारा केजीबीवी संशाधन एवं सुविधा बढाने हेतु 34.24 लाख धनराशि दी गई है।

स्कूलों में सुविधा हेतु प्राजेक्ट उत्कर्ष अन्तर्गत जिलाधिकारी ने 1 करोड़ धनराशि मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्वतन पर रखी है, जिसमें विकासखण्डवार प्रथम चरण में 94 लाख धनराशि तथा द्वितीय चरण में 97.80 लाख धनराशि आंवटित की गई है।

जिले के विद्यालयों में 18.41 लाख धनराशि से वाईटबोर्ड उपलब्ध करा दिए गए है। 348 विद्यालयों में 27 लाख से पानी की टंकी तथा 754 विद्यालयों में 47.26 लाख से मंकी नेट लगाए गए हैं। 246 विद्यालयों में 23.26 लाख झूले, 337 विद्यालयों में 29.75 लाख से बेबी स्लाइड लगाए गए हैं। 46 विद्यालयों में 11.39 लाख से बालीबाल कोर्ट हैण्डबाल कोर्ट, 109 विद्यालयों में 39.35 लाख से बैडमिंन्टन कोर्ट, 93 विद्यालयों में 12.60 लाख से पेंटिंग एवं सौन्दर्यीकरा कार्य किया गया है। जिलाधिकारी की पहल पर प्रत्येक स्कूल में न्यूज़पेपर, मैगज़ीन, शब्दकोश और महापुरुषों की जीवनी, ज्ञानवर्धक कामिक्स आदि रखी गई है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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