एनीमियामुक्त भारत कार्यक्रम के तहत जिलेभर में  3 फरवरी से 10 फरवरी 2025 तक पल्स एनीमिया महा अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने इस महाभियान का शुभारंभ करते हुए अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों से प्रतिबद्धता से कार्य करने का आह्वान किया।

जिला चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर पल्स एनीमिया महाअभियान का विधिवत् शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी  ने  गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि एनीमिया को रोकने के लिए भोजन की अच्छी आदतों को अपनाएं। आयरन और विटामिन बी से भरपूर खाद्य पदार्थ यथा हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे, दालें, साबुत अनाज का सेवन करें  और जंक फूड से परहेज करना चाहिए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिये कि पल्स एनीमिया महा अभियान को गंभीरता से संचालित किया जाए तथा सभी चिकित्सा इकाईयों में आवश्यक जीवनरक्षक औषधियों के साथ हीमोग्लोबिन मीटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराये जाएं।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी एस रावत द्वारा जानकारी दी गई कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमियामुक्त भारत कार्यक्रम के तहत जनपद में 3 से 10 फरवरी 2025 तक पल्स एनीमिया महा अभियान चलाकर सभी गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच की जायेगी। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन कम होने पर उन्हें जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टरों की देखरेख में आयरन सूक्रोज का इंजेक्शन दिया जायेगा। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में आतिथि तक 4742 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं जिनकी अभियान के दौरान हीमोग्लोबिन जांच की जायेगी। हीमोग्लोबिन जांच हेतु जनपद के 86 उपकेन्द्रों को स्क्रीनिंग केन्द्र एवं 08 चिकित्सा इकाईयों को एनीमिया उपचार केन्द्र बनाया गया है।

इस अवसर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शमा आफरीन द्वारा उपस्थित गर्भवती महिलाओं को बताया गया कि गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार लेना चाहिए और नियमित रूप से जांच करवानी चाहिए ताकि उन्हें प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीएस पोखरियाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीएस पांगती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम हरदेव राणा, जिला लेखा प्रबंधक पवन चंदेल, आई.ई.सी. मैनेजर अनिल बिष्ट, कम्युनिटि मोबिलाइजर सीमा अग्रवाल, हॉस्पिटल मैनेजर हरिशंकर नौटियाल एवं शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकत्रियां आदि उपस्थित रहे।

By Shashi Sharma

Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, he provided his strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got his pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of his pen. Delivered.

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