*AHTU जनपद हरिद्वार*
*हर की पैड़ी, रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन क्षेत्र में AHTU का रेस्क्यू अभियान*
*घर से बिना बताए निकले 06 बालकों को पुलिस टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू*
*खतरनाक तरीके से गंगा में छलांग लगाकर सिक्के निकाल रहे बालकों को भी बचाया*
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार नवनीत सिंह, IPS के दिशा-निर्देशन में, पुलिस उपाधीक्षक रुड़की/नोडल AHTU सुश्री ओशिन जोशी के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र रमोला के प्रभार में AHTU हरिद्वार द्वारा बाल सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
दिनांक 22.09.2026 को AHTU हरिद्वार टीम द्वारा हर की पैड़ी, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्रों में गुमशुदा/लावारिस बालक-बालिकाओं की तलाश, संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन तथा भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों की पहचान हेतु अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने 06 बालकों को रेस्क्यू किया। इनमें कुछ बालक अत्यंत दयनीय एवं लावारिस अवस्था में पाए गए, जबकि कुछ बालक गंगा में खतरनाक तरीके से छलांग लगाकर यात्रियों द्वारा डाले गए सिक्के निकाल रहे थे, जिससे उनके जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।
*रेस्क्यू किए गए बालकों का विवरण*
1. सनी, उम्र 14 वर्ष निवासी दादा मोटर, जिला लुधियाना, पंजाब। लगभग एक माह पूर्व घर से बिना बताए हरिद्वार आया था तथा गंगा में यात्रियों द्वारा डाले गए सिक्के निकालकर एवं भंडारों में भोजन कर जीवन यापन कर रहा था।
2. लखन, उम्र 15 वर्ष निवासी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। लगभग 15 दिन पूर्व घर से निकलकर हरिद्वार आया था और सुभाष घाट के आसपास भिक्षुकों के साथ रह रहा था।
3. अजमत, उम्र 12 वर्ष निवासी फकीरपुरा, जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश। लगभग एक माह पूर्व घर से बिना बताए हरिद्वार आया था और हर की पैड़ी क्षेत्र में यात्रियों से भिक्षा एवं भोजन मांगकर जीवन यापन कर रहा था।
4. रयान, उम्र 13 वर्ष निवासी काशीराम कॉलोनी, जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश। गंगा पुल से गंगा में छलांग लगाकर सिक्के निकाल रहा था। पूछताछ में लगभग एक माह पूर्व घर से बिना बताए हरिद्वार आना बताया।
5. शोभित, उम्र 13 वर्ष निवासी पावड़ा मोहल्ला, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश। घंटाघर के पास यात्रियों को गंगा से नारियल निकालकर दे रहा था तथा लगभग एक माह पूर्व रेल के माध्यम से हरिद्वार आया था।
6. हिमांशु, उम्र 12 वर्ष निवासी एवं माता-पिता के संबंध में तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। लगभग एक माह पूर्व हरिद्वार आने के बाद रेलवे स्टेशन के आसपास छोटे-मोटे कार्य कर जीवन यापन कर रहा था।
AHTU टीम द्वारा सभी बालकों को तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कर प्रभारी निरीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवश्यक विधिक कार्यवाही एवं काउंसलिंग के उपरांत सभी बालकों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया तथा उन्हें बाल कल्याण समिति, रोशनाबाद, हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति द्वारा काउंसलिंग एवं आवश्यक प्रक्रिया के बाद सभी बालकों को आदेशानुसार खुला आश्रय गृह, कनखल में संरक्षण दिलाया गया।
सभी बालकों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की कार्यवाही AHTU टीम द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।
हरिद्वार पुलिस की अपील है कि बाल सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। गंगा घाटों, रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों के आसपास यदि कोई लावारिस, गुमशुदा अथवा संकट की स्थिति में बच्चा दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें/ AHTU हरिद्वार से संपर्क करें।
*AHTU टीम हरिद्वार*
1. हे0 का0 राकेश कुमार
2. हे0 का0 बिना गोदियाल
3. का0चा0 दीपक चन्द
4. का0 मुकेश कुमार
5. म0 का0 शशिबाला