जेपी नड्डा शांतिकुंज द्वारा आयोजित वसुधेव कुटुम्बकं व्याख्यान माला कार्यक्रम मेंजेपी नड्डा शांतिकुंज द्वारा आयोजित वसुधेव कुटुम्बकं व्याख्यान माला कार्यक्रम में

shanti kunj,अमृत महोत्सव के दौरान जी-20 की अध्यक्षता करना हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है-जे पी नड्डा

संस्कृति के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है,शांति कुंज-नड्डा

शांतिकुंज विश्व के असंख्य लोगों को ज्ञान और संस्कार की छाया दे रहा है- मुख्यमंत्री

shanti kunj,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा के साथ रविवार कोshanti kunj, गायत्रीकुंज, हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यान माला ‘वसुधैव कुटुंबकम’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस दौरान उन्होंने कई पुस्तकों का विमोचन किया, जिसमें पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लिखी ‘समस्याएं आज की, समाधान कल के’ एवं ‘मैं क्या हूं’ का वियतनामी भाषा प्रकाशन, आयुर्वेद पर आधारित शोध पत्र एवं सेंट्रल फॉर यज्ञ रिसर्च पर आधारित पुस्तक का विमोचन शामिल रहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा ने देव संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर स्थित महाकाल मंदिर में पूजा अर्चना की, तत्पश्चात उन्होंने शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिसर में पौधारोपण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां गायत्री के सिद्ध साधक,विचार क्रान्ति अभियान के सूत्रधार, वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को नमन करते हुए कहा उनके द्वारा रोपित बीज आज वटवृक्ष का आकार ले चुका है औरshanti kunj, विश्व के असंख्य लोगों को ज्ञान और संस्कार की छाया दे रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का उत्तराखंड पधारने पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा आदरणीय जेपी नड्डा जी का मार्गदर्शन निश्चित रूप से हमें ऊर्जा प्रदान करेगा। इतिहास में विरले ही ऐसे लोग हुए हैं जिन्होंने अपने विचारों से करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का समूचा जीवन भारत के सांस्कृतिक पुनरोत्थान को समर्पित रहा। ‘‘हम बदलेंगे-युग बदलेगा’’ का मंत्र देकर उन्होंने समाज में जो जन जागृति लाने का पुनीत कार्य किया इसके लिए आने वाली पीढ़ियां सदैव उनकी ऋणी रहेंगी।

माता गायत्री व यज्ञ को घर-घर में स्थापित करने और सनातन संस्कृति को पुनः परिभाषित करने से लेकर साधना, शिक्षा, स्वावलंबन, महिला सशक्तिकरण, जनशक्ति का संरक्षण और युवाओं को संगठित करने का कार्य shanti kunj,में आज आचार्य जी के सिद्धांतों पर चल कर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय के रूप में यह विश्व विख्यात शिक्षा केंद्र नैतिक मूल्यों पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा देने का अनुपम कार्य कर रहा है। भविष्य में भी ये संस्थान युवाओं का इसी प्रकार उचित मार्गदर्शन करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जी -20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक जिम्मेदारी है, जो विश्व के भारत पर भरोसे का एक पैमाना है। जब हम अपनी प्रगति के लिए प्रयास करते हैं, तो हम वैश्विक प्रगति की भी परिकल्पना करते हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान जी-20 की अध्यक्षता करना हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है। जी-20 की थीम भी ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर आधारित है, जिसका अर्थ है ‘समस्त विश्व एक परिवार है’।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मंत्र के जरिए विश्व बंधुत्व की भावना को हम सदियों से जीते आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पौराणिक धरोहर, आस्था एवं बौद्धिकता को चित्रित किया जा रहा है। जी-20 की थीम भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करती है। जी-20 का उद्देश्य विविधता का सम्मान करते हुए दुनिया को एक साथ लाना है। आज विश्व के विभिन्न देश और विद्वान पुनः भारत का और हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का अध्ययन कर रहे हैं।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की सोच में चलने वाला यह संस्थान आध्यात्मिक विकास, संस्कृति के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है ।श्रीराम शर्मा आचार्य जी एवं मां गायत्री जी के द्वारा स्थापित किए गए आध्यात्मिक एवं सनातन संस्कृति को गायत्री परिवार के माध्यम से आगे बढा़ने का कार्य किया जा रहा है। योग, आयुर्वेद, तकनीकी, शोध, विज्ञान के समन्वय सेshanti kunj, देव संस्कृति विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में निरन्तर तरक्की कर रहा है। यह शोध मानवता के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की शुरुआत संस्कार सीखने से होती है। शिक्षा से सभ्य जीवन में सार्थक रास्ता ढूंढने का लक्ष्य प्राप्त होता हैshanti kunj.

 

 

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