*राज्य आंदोलनकारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का निधन*

*राजकीय सम्मान के साथ खड़खड़ी शमशान घाट पर किया जायेगा दाह संस्कार*

हरिद्वार ।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री दिवाकर भट्ट के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है, राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर जन सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव अविस्मरणीय रहे।

श्री दिवाकर भट्ट जी का जन्म 01 अगस्त 1946 को सुपार गांव पट्टी बडियार गढ़ जनपद टिहरी में हुआ था। श्री दिवाकर भट्ट छात्र जीवन से ही आंदोलन में सक्रिय रहे जो गढ़वाल विवि बनाने के लिए हुए आंदोलन में स्वामी मन मंथन के साथ सक्रिय रहे।

श्री दिवाकर भट्ट जी 25 जुलाई 1977 उत्तराखंड क्रांति दल के अधिवेशन में संस्थापक सदस्य के साथ ही उपाध्यक्ष भी चुने गए। उत्तराखंड अलग राज्य बनाने के लिए सक्रिय भूमिका रही है,जो उत्तराखंड आंदोलन के फील्ड मार्शल भी कहलाए गए। वर्ष 1995 में श्रीयंत्र टापू में हुए आंदोलन में भी सक्रिय रहे तथा वर्ष 1995 में खेट पर्वत पर राज्य की मांग को लेकर 31 दिन तक भूख हड़ताल/अनशन पर रहे तथा 04 जनवरी 1996 को खेट पर्वत से उतरा गया तथा दिल्ली जंतर मंतर पर अनशन समाप्त कराया गया।

श्री दिवाकर भट्ट जी वर्ष 2007 से 2012 तक खंडूरी सरकार में राजस्व एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री के साथ 16 विभागों के भी मंत्री रहें।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया तथा ईश्वर से पुण्य आत्मा को श्री चरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिजनों यह असीम दुख सहन करने की प्रार्थना की।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में श्री दिवाकर भट्ट जी का राजकीय सम्मान के साथ खड़खड़ी समाधान घाट पर प्रात 11 बजे दाह संस्कार किया जाएगा।

राज्य आंदोलन और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट ने आज अपने हरिद्वार स्थित निवास पर 79 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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