*डोली पर मुकदमे की खबरें पूरी तरह भ्रामक एवं असत्य, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई*

*जिलाधिकारी प्रतीक जैन का स्पष्ट संदेश: आस्था का सम्मान, अराजकता पर सख्त कार्रवाई*

*मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन में परस्पर समन्वय, मुनि महाराज की डोलीनिर्बाध पूरी करेगी देवरा यात्रा*

महर्षि अगस्त्यमुनि महाराज की पारंपरिक देवरा यात्रा के दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ में जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने, हिंसा करने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की गंभीर घटना विगत दिनों सामने आई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन का धार्मिक आस्था एवं परंपराओं के प्रति पूर्ण सम्मान है, किंतु कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने तथा अराजकता फैलाने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

घटना के दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को तोड़ दिया गया था, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा, जिससे स्थानीय नागरिकों, यात्रियों एवं पर्यटकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए इसमें संलिप्त अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन किसी भी प्रकार से धार्मिक आस्था के विरुद्ध नहीं है, बल्कि मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रहा है। कार्रवाई केवल उन तत्वों के विरुद्ध की गई है जिन्होंने हिंसा भड़काने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने का प्रयास किया था।

इसी क्रम में दिनांक 16 जनवरी को अगस्त्यमुनि मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं पंचकोटि के पंच पदान समेत 11 व्यक्तियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाक़ात की और विगत दिवस घटित घटनाक्रम को लेकर चर्चा की। बातचीत के क्रम में स्पष्ट हुआ कि मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन में परस्पर समन्वय है और मुनि महाराज की डोली निर्बाध तरीके से देवरा यात्रा पूर्ण करेगी।

इस घटना के पश्चात कुछ अराजक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा मुनि महाराज जी की डोली पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जो पूरी तरह असत्य एवं निराधार है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की भ्रामक खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि मुनि महाराज जी की डोली पर किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा डोली को परंपरागत मार्ग से न ले जाकर जबरन क्रीड़ा मैदान के मुख्य गेट से लाया गया तथा पूर्व नियोजित तरीके से गेट को क्षतिग्रस्त किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारियों के मध्य निरंतर संवाद बना हुआ है तथा मंदिर समिति जिला प्रशासन के सहयोग से संतुष्ट है। जिला प्रशासन मंदिर समिति को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी ने भी स्पष्ट किया कि मुनि महाराज जी की डोली पर मुकदमा दर्ज होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चारधाम यात्रा, विशेषकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए शासन के पूर्व निर्देशों के तहत पहले से ही की जा रही है। यह कार्रवाई तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, विजयनगर सहित पूरे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर की जा रही है और इसका इस घटना से कोई संबंध नहीं है।

जिला प्रशासन ने दोहराया कि जनपद में शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हिंसा, अराजकता अथवा अव्यवस्था फैलाने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा तथा जनपद के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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