*लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग में बोले मुख्यमंत्री धामी: संस्कृति, विकास और विरासत के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड*

*उत्तरायणी कौथिग बना ‘वोकल फॉर लोकल’ और एक भारत–श्रेष्ठ भारत की सशक्त मिसाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

*उत्तराखंड आज संभावनाओं से उपलब्धियों की ओर: 26 गुना बढ़ी अर्थव्यवस्था, 44% रिवर्स पलायन*

*देवभूमि की अस्मिता, सुरक्षा और विकास से कोई समझौता नहीं: सीएम धामी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग में सम्मिलित हुए |

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उत्तरायणी, मकर संक्रांति एवं घुघुतिया पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों एवं युवाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में आयोजित यह कौथिग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अद्भुत मंच है। लोकगीत, लोकनृत्य, लोकभूषा, हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों की झलक न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सांस्कृतिक, सामाजिक और सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने उत्तर प्रदेश में रह रहे हजारों उत्तराखंडवासियों को एक सूत्र में बांधकर उनकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का उल्लेखनीय कार्य किया है। रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करना संस्था की तपस्या और समर्पण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ से अपने भावनात्मक संबंधों को साझा करते हुए कहा कि यह शहर उनकी कर्मभूमि रहा है, जहाँ से उन्होंने जनसेवा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में लखनऊ आना उनके लिए अपनी कर्मभूमि को नमन करने के समान है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति, आस्था और सभ्यता को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर जैसे ऐतिहासिक कार्य इसी दृष्टि का परिणाम हैं। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ अभियान ने देश की विविध संस्कृति को एक सूत्र में पिरोया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी विज़न के अनुरूप उत्तराखंड सरकार देवभूमि के विकास और विरासत को साथ लेकर चल रही है। केदारनाथ-बद्रीनाथ मास्टर प्लान, केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोलू जी, विवेकानंद एवं शारदा कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति को नई भव्यता मिल रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखा गया है। नई नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर हब और फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। ‘वेड इन उत्तराखंड’ और शीतकालीन पर्यटन अभियानों से पर्यटन एवं आर्थिकी को नया बल मिला है।

ग्राम्य विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि होम-स्टे योजना, लखपति दीदी, सौर स्वरोजगार योजना, एक जनपद–दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे प्रयासों से गांवों की खुशहाली सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय की तुलना में आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था 26 गुना बढ़ चुकी है। प्रतिव्यक्ति आय 17 गुना बढ़कर ₹2,74,064 तक पहुंच गई है। राज्य का बजट ₹4,000 करोड़ से बढ़कर ₹1 लाख करोड़ के पार हो गया है। बिजली उत्पादन 4 गुना बढ़ा है, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और 10 सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। मातृ मृत्यु दर में 12% की कमी आई है।

उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत अब तक 1 लाख 68 हजार महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 44% रिवर्स पलायन हुआ है। किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने में उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि की अस्मिता, सुरक्षा और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सख्त धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है। ऑपरेशन कालनेमी के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कार्रवाई हुई है। 250 से अधिक अवैध मदरसे सील किए गए हैं और 500 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए गए हैं। 1 जुलाई 2026 के बाद केवल सरकारी सिलेबस वाले मदरसे ही संचालित होंगे।

उन्होंने कहा कि सख्त भू-कानून लागू कर देवभूमि को माफियागिरी से सुरक्षित किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। नकल विरोधी कानून से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यही नया उत्तराखंड है—जहाँ विकास, विश्वास और अवसर साथ-साथ हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को दोहराते हुए सभी से सहयोग और आशीर्वाद की अपील की।

कार्यक्रम में पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी वह स्थानीय लोग उपस्थित रहे |


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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