उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने की मानदेय बढ़ाने की मांग

हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मानदेय बढ़ाने की मांग की है। आंगनबाड़ी कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में मुख्य भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां 9300 रूपए मासिक के मानदेय पर काम करती हैं। सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के योगदान को देखते हुए उनका मानदेय 24 हजार रूपए मासिक किया जाए।

प्रैस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान उत्तराखंड राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लंबे समय से सरकर से मानदेय बढ़ाने एवं समस्याआंे के समाधान की मांग कर रही है। लेकिन सरकार एवं विभाग लगातार इसे अनदेखा कर रहे हैं। मांगों को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री आवास एवं सचिवालय का घेराव किया। वर्ष 2024 में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के आंदोलन के बाद सरकार ने मानदेय वृद्धि के लिए कमेटी का गठन किया। लेकिन कमेटी भी कागजों तक सीमित रह गयी। कमेटी ने क्या निर्णय लिया। इसका भी आज तक पता नहीं चला। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियांें की पूरी अनदेखी की जा रही है। जबकि काम दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। अपने विभागीय कार्यो के अलावा दूसरे विभागांे का कार्य भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सौंपकर उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी से बाध्य होकर 14 नवम्बर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं कर्मिक अनशन शुरू कर दिया गया हैं। चेतावनी देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकात्रियां हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार हैं। मांगे पूरी होने तक पीछे नहीं हटंेगे।

प्रैसवार्ता के दौरान प्रदेश महामंत्री ममता बादल, संरक्षक लक्ष्मी बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष सत्या, जिला अध्यक्ष कविता चौधरी, सहसचिव अनुज, शहर प्रभारी पूनम, मीनाक्षी देवी आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रही।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *