*सभी डीडीएमओ से रूबरू हुए उपाध्यक्ष विनय रूहेला*

*समस्याओं को सुना, उचित कार्यवाही का दिया भरोसा*

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के मा0 उपाध्यक्ष श्री विनय रूहेला ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में राज्य के सभी 13 जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों (डीडीएमओ) के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं व्यावहारिक बनाने को लेकर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान श्री रूहेला ने सभी जनपदों से उपस्थित डीडीएमओ की समस्याओं, चुनौतियों एवं फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि डीडीएमओ द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपदा प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत किया जा सके।

श्री रूहेला ने डीडीएमओ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डीडीएमओ आपदा प्रबंधन व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में डीडीएमओ फ्रंटफुट पर आकर न केवल समन्वय स्थापित करते हैं, बल्कि प्रशासन, लाइन विभागों एवं स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व भी करते हैं। उन्होंने डीडीएमओ को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता, त्वरित निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल ही आपदा के प्रभाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में आपदा पूर्व तैयारी, संसाधनों की उपलब्धता, मानवीय संसाधनों का प्रशिक्षण, संचार व्यवस्था तथा अंतर-विभागीय समन्वय को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। इसके साथ ही, आपदा के दौरान सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने, त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने तथा फील्ड स्तर पर मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में उपस्थित श्री विनोद कुमार सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग ने डीडीएमओ को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाई गई समस्याओं एवं सुझावों पर विभाग द्वारा उचित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और फील्ड स्तर के अधिकारियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

बैठक के अंत में सभी डीडीएमओ ने इस प्रकार की समीक्षा बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे फील्ड स्तर की वास्तविक समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके और राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस अवसर पर डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन), श्री अभिषेक कुमार आनन्द, वित्त नियंत्रक, मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित यूएसडीएमए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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