जन संवाद में 18 शिकायतें दर्ज, 7 का मौके पर निस्तारण
लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 18 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
इस दौरान शिवानंदी (चिवंई) के ग्रामीणों ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण से पेयजल एवं सिंचाई के स्रोत प्रभावित होने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान किए गए विस्फोटों के कारण उनके मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें भी उत्पन्न हो गई हैं।
बेलनी के व्यापारियों ने प्रस्तावित बेलनी पुल निर्माण को लेकर व्यापारियों का कहना था कि पुल निर्माण से करीब 40 से 50 व्यापारी प्रभावित हो सकते हैं और उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने निर्माण कार्य से पूर्व व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग की।
फलई निवासी पंचम लाल ने बताया कि 14 अगस्त को हुई अत्यधिक बारिश के कारण उनके आवासीय भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की। वहीं गडमिल निवासी दशरथ बुटोला ने बताया कि उनकी बागवानी में 30 से अधिक प्रजातियों के कंदमूल एवं फलदार पेड़ हैं तथा उनके द्वारा एक जंगल भी तैयार किया गया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को देखते हुए पर्यावरण मित्र की सूची में उनका नाम शामिल किए जाने का अनुरोध किया।
सेम निवासी लक्ष्मी प्रसाद डिमरी ने स्वर्गीय दीपक डिमरी राजकीय इंटर कॉलेज में निर्माणाधीन भवन की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
कलना निवासी दशरथ लाल ने बताया कि वह बीपीएल परिवार से हैं तथा शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए रोजगार उपलब्ध कराने की मांग जिलाधिकारी के समक्ष रखी।
जन संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान एल-1 स्तर पर 139 तथा एल-2 स्तर पर 29 शिकायतें लंबित पाई गईं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस दौरान जन संवाद कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, उप जिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी पारुल गोयल, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, सीओ रुद्रप्रयाग विकास पुंडीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।