मा0 सीएम के मार्गदर्शन में डीएम के प्रयास, 03 माह में देने लगे सुखद परिणाम,

कम्प्यूटर, संगीत, योगा, गेम्स, प्राजेक्टर से हो रहे शिक्षा में विलीनः एक्टिविटी बेस्ट लर्निंग

डीएम का बोया आधुनिक इन्टेंसिव केयर सेंटररूपी बीज, वृक्ष बन स्ट्रीट चाईल्ड के भविष्य बदलने की ओर अग्रसर

बच्चों को स्कूल की राह दिखा रहा, राज्य का पहला आधुनिक इन्टेंसिव केयर सेंटर,

231 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर, इन्टेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से जोड़ा जा रहा है मुख्यधारा में।

समाज में सभी को समान अवसर प्रदान करना हमारी फंडामेंटल ड्यूटीः डीएम

प्रत्येक ड्रापआउट एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन्स को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का है लक्ष्यःडीएम

कोई भी बच्चा अपने बचपन व शिक्षा के अधिकार से न रहे वंचित

आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर शीघ्र लाइब्रेरी भी होगी स्थापित

देहरादून । अन्तराष्ट्रीय स्ट्रीट चिल्ड्रन दिवस के अवसर पर बाल भिक्षावृत्ति निवारण तथा बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु मा0 सीएम के मार्गदर्शन एवं डीएम सविन बसंल के प्रयासों साधुराम इन्टर कालेज में स्थापित, नवनिर्मित राज्य के पहले आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर कार्यक्रम आयोजित किया कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने बनाए गए आधुनिक इंटेंसिव केयर शेल्टर का निरीक्षण कर बच्चों के पठन-पाठन की प्रक्रिया देखी, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अपने बीच पाकर बच्चे एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षक खुशी जाहिर की।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने बतौर मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर इंटेसिंव केयर सेंटर के 19 बच्चों को तीन माह के मांइड ट्रांस्फर्म उपरान्त स्कूल में दाखिला कराते हुए शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। बच्चों को किताबें एवं स्कूल ड्रेस भी वितरित की गई। कार्यक्रम में बच्चों ने संगीत गायन अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।

मा0 सीएम के मार्गदर्शन में डीएम के प्रयास, 03 माह में सुखद परिणाम देेने लगे हैं जिससे आज आधुनिक इन्टंेसिव केयर सेंटर के 19 बच्चे, शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ते हुए स्कूल में मिला दाखिला मिल गया है तथा बच्चों को डीएम ने किताब व डेªस वितरण भी किया। आधुनिक इन्टेंसिव केयर सेंटररूपी डीएम का बोया बीज आज वृक्ष बन स्ट्रीट चाईल्ड के भविष्य बदलने की ओर अग्रसर है, जहां कम्प्यूूटर, संगीत, योगा, गेम्स, प्राजेक्टर से बच्चे शिक्षा में विलीन हो रहे हैं तथा एक्टिविटी बेस्ट लर्निंग से बच्चों में सीखने की ललक बढ रही है। अब तक 231 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर, इन्टेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से मुख्यधारा मेंजोड़ा जा रहा है।

राज्य का यह पहला आुधनिक इंटेंसिव केयर सेंटर बच्चों को स्कूल की राह दिखा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि समाज में सभी को समान अवसर प्रदान करना हमारी फंडामेंटल ड्यूटी है, इसको हर संभव पूरा किया जाएगा तथा प्रत्येक ड्रापआउट एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन्स को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का है लक्ष्य रखा गया है। आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर शीघ्र लाइब्रेरी भी स्थापित होगी इसके लिए भी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं।

अपने सम्बोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक, बच्चे, बजुर्ग महिला को समानता का अधिकार दिलाना हमारी मौलिक दायित्व है। सभी को आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता से हमसे पहले जरूरतमंदों को मिलें यही हमारा प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए हमने यह सेंटर तैयार किया उसको आगे ले जाने में एनजीओ, अधिकारीगण, ग्राउण्ड टीम, होमगार्ड,ग्राउंड ड्यूटी में लगे स्टॉफ के साथ ही ऐसे सभी बच्चों के अभिभावक जिन्होंने विश्वास जताया कि जीवन में बदलाव संभव है। इसी विश्वास और धैर्य को कायम रखना है यह सेंटर ऐसे ही चलता रहेगा, जो स्कूल में एक्टिविटी नही मिल पा रही है उनको इस सेंटर पर प्राप्त कर सकते है। उन्होंने सभी बच्चों, अभिभावकों से अनुरोध किया जो बच्चेे मुख्यधारा में जुड़ने से रह गए हैं उनको मुख्यधारा शिक्षा से जुड़ने के लिए इंटेंसिव केयर सेंटर में लाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जिला प्रशासन का यही प्राथमिकता है कि अन्तिम व्यक्ति बच्चे, महिला, बजुर्ग तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पंहुचे, इसके लिए ‘‘आउटऑफ द वे’’ जाकर भी प्रयास करने होंगे तो वह किये जाएंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों, एनजीओ, फील्ड स्टॉप से अपेक्षा करते हुए कहा कि कहा कि इस सेंटर को सफल बनाने निंरतर प्रयास करना है। काई भी बच्चा अपने बचपन तथा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह इसके लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम में लिप्त बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने का जिलाधिकारी का ही आईडिया था, जिसके फलस्वरूप प्रभावी माइक्रो प्लान तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट चिल्ड्रन्स को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु तैयार किए गए प्लान को धरातल पर उतारने में लगे विभाग, एनजीओं निंरतर कार्य करें इसके लिए धन की कमी नही होने दी जाएगी इसके लिए प्रशासन निरंतर कर रहा है। आज मुख्य शिक्षा की धारा से जुड़ने वाले बच्चों में कार्तिक कुमार आयु 5 वर्ष कक्षा 1, शिवानी 7वर्ष कक्षा 2रोशनी 9 वर्ष कक्षा 4, अंजलि 13 वर्ष कक्षा 7, चंदन 11 वर्ष, कक्षा 6, सोनाक्षी 4वर्ष एकेजी, सूरज 8 वर्ष कक्षा 1, बादल 11 वर्ष कक्षा 1, लक्ष्मी 13 वर्ष, ज्योनी 13वर्ष, रजनी 11 वर्ष कक्षा 6, करण 5 वर्ष कक्षा1, इंन्द्रजीत 13वर्ष कक्षा 5, अजीत 10 वर्ष कक्षा 4, आर्यन 6 वर्ष कक्षा 2, असलापन 10 वर्ष कक्षा 3, फिजा 8 वर्ष कक्षा 2, सत्रू 13 वर्ष कक्षा 7,पवन 13 वर्ष कक्षा 7 में दाखिला दिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, अपर निदेशक शिक्षा प्रदीप रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री घिल्डियाल, आसरा ट्रस्ट की चेयरपर्सन शैला बृजनाथ, सचिव अदिति कौर, नीतू खन्ना, अमित बलोदी, आदि उपस्थित रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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