रम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त श्री विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज का 71वाँ संन्यास जयंती महोत्सव
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर अनन्त श्री विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज के 71वें संन्यास जयंती महोत्सव में आध्यात्मिक सानिध्य – योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज, पतंजलि योगपीठ, पूज्य स्वामी चिदानन्द मुनि जी महाराज, परमाध्यक्ष्ज्ञ, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, पूज्य साध्वी ऋतंभरा जी, दीदीमां, श्री निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर राजगुरु बीकानेर, पूज्य स्वामी विशोकानन्द भारती जी महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी कैलाशानन्द जी महाराज, आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी बालकानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य महंत डॉ. रविन्द्रपुरी जी महाराज, निर्मल पीठाधीश्वर पूज्य श्री महंत ज्ञानेन्द्र सिंह जी महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष अ.भा. संत समिति जगद्गुरु पूज्य स्वामी अविचलदास जी महाराज, गुजरात, पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार, महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी अनन्तदेव जी महाराज, वामदेव ज्योतिर्मठ, वृन्दावन, पूज्य बाबा निर्मल दास जी महाराज, रायपुर, पंजाब, राष्ट्रीय महामंत्री अ.भा. संत समिति दण्डी स्वामी पूज्य जीतेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज, वाराणसी, महामण्डलेश्वर पूज्य साध्वी निरंजन ज्योति जी (अध्यक्ष-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग), महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज, हरिद्वार, महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी आत्मानन्द पुरी जी महाराज, हरिद्वार

मुख्य अतिथि, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड, श्री पुष्कर सिंह धामी जी, श्री मदन कौशिक जी, आयुष एवं आयुष शिक्षा, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकार, श्री प्रदीप बत्रा जी, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकार, श्री बजरंग बागड़ा जी, महामंत्री, विश्व हिन्दू परिषद, श्री अशोक तिवारी जी, राष्ट्रीय मंत्री, विश्व हिन्दू परिषद, आदि अनेक विभूतियों का पावन सान्निध्य
नमामि गंगे के सहयोग से गंगा तट पर निर्मित अखंड परमधाम घाट का वर्चुअल उद्घाटन
संन्यास केवल वस्त्र परिवर्तन नहीं बल्कि वृत्ति परिवर्तन
सन्यास “ममत्व” से “समत्व” की ओर, “अहं” से “ब्रह्म” की ओर अग्रसर होने की यात्रा
स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 19 अप्रैल। परम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त श्री विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज का 71वाँ संन्यास जयंती महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित हुआ। जिसमें पूज्य संतों, महंतों, विशिष्ट विभूतियों और राजनीतिज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
धर्म, अध्यात्म, सेवा और सनातन संस्कृति के उज्ज्वल प्रेरणास्तंभ परम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त श्री विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज के 71वें संन्यास जयंती महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भव्यता एवं दिव्यता के साथ मनाया गया। पूज्य संतों का संन्यास जीवन की त्याग, तप, साधना, सेवा और लोकमंगल की अखंड यात्रा का दिव्य उत्सव है।
स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और मानवता के कल्याण हेतु समर्पित किया। उन्होंने वेद, उपनिषद, गीता एवं सनातन ज्ञान परंपरा के आलोक को जन-जन तक पहुँचाने का महनीय कार्य किया है।
71वाँ संन्यास जयंती महोत्सव विविध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से युक्त था जिसका शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन एवं गुरु वंदना के साथ किया। इसके पश्चात संत-महात्माओं, विद्वानों एवं भक्तजनों द्वारा पूज्य गुरुदेव के तपस्वी जीवन, राष्ट्रनिष्ठ विचारधारा तथा समाजोत्थान में उनके अनुपम योगदान पर विचार व्यक्त किए।
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़ श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि पूज्य युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी ने सदैव समाज को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने भव्य बद्री एवं दिव्य बद्री के दर्शन का आह्वान किया। गंगा कॉरिडोर के निर्माण की जानकारी दी तथा शारदा कॉरिडोर के विकास का भी आह्वान किया।
उन्होंने देहरादून स्थित हिन्दू स्टडी सेंटर के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि वहाँ युवा पीढ़ी आकर शोध कार्य करेगी। समान नागरिक संहिता, सबके लिए शिक्षा तथा मदरसा बोर्ड को बंद करने के निर्णय की जानकारी भी प्रदान की। साथ ही बताया कि जुलाई 2026 से मदरसों में उत्तराखण्ड बोर्ड का ही पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देवभूमि के देवत्व को बनाए रखने के लिए हमारी सरकार समर्पित है। 12 हजार एकड़ भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराने का कार्य किया गया है। सख्त धर्मांतरण कानून लाने तथा लैंड जिहाद और लव जिहाद से मुक्त उत्तराखण्ड की दिशा में सरकार संकल्पित है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि संन्यास संसार से पलायन नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि को अपना परिवार मानकर सेवा करने का महान संकल्प है। पूज्य स्वामी जी केम जीवन में करुणा, समता, आध्यात्मिक अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत समन्वय है।
71 वर्षों का यह संन्यास जीवन तप की तेजस्विता, त्याग की गरिमा और सेवा की साधना का अनुपम इतिहास है। पूज्य स्वामी जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दिव्य स्रोत है।
संन्यास बाह्य परिधान का विषय नहीं, अपितु अंतःकरण की परिपक्वता का नाम है। सनातन दर्शन कहता है जब चित्त विषयासक्ति से निवृत्त होकर ब्रह्मतत्त्व में प्रवृत्त हो, तभी संन्यास का उदय होता है।
मुण्डकोपनिषद् कहता है “परिक्ष्य लोकान् कर्मचितान् ब्राह्मणो निर्वेदमायात्”। संसार का त्याग नहीं, संसार की अनित्यता का बोध ही तो सन्यास है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी ने कहा है संन्यास निष्क्रियता नहीं, अनासक्ति है।
योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने कहा कि जिस दिन अभेद दृष्टि हमारे अंतःकरण में जागृत हो जाएगी, उसी दिन विभाजन की दीवारें स्वतः ढह जाएँगी। जब हम जाति, पंथ, भाषा, प्रांत, मत और उपासना-पद्धतियों के भेद से ऊपर उठकर एक ही सनातन चेतना को पहचानेंगे, तब वास्तविक एकता का सूर्योदय होगा। सनातन का मूल स्वर ही अभेद है “एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति”, सत्य एक है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने परम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त श्री विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर उनका अभिनन्दन किया।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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