जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग में गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग के कार्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन हर्षोल्लास, गरिमा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों एवं वीर शहीदों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करने के साथ-साथ नागरिकों को संविधान, विधि के शासन, मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।

समारोह के अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती नीना अग्रवाल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य प्रतिभागियों द्वारा राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। राष्ट्रगान के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत रहा।

इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों, अमर शहीदों तथा राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। वक्ताओं द्वारा कहा गया कि भारत की स्वतंत्रता अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग, तपस्या एवं बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात देश ने लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय, समानता एवं विधि के शासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।यह दिवस हमें यह भी स्मरण कराता है कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का उपभोग करने का अवसर नहीं है, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी भी है।

समारोह में संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता एवं न्याय की भावना प्रदान करता है। संविधान में निहित मूल्यों को व्यवहार में लागू करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। पात्र व्यक्तियों को विधिक सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न विधिक जागरूकता कार्यक्रमों, शिविरों एवं अभियानों के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।वक्ताओं द्वारा कहा गया कि न्याय तक समान पहुंच और विधिक सहायता की उपलब्धता सामाजिक न्याय की आधारशिला है। कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक कठिनाई के कारण न्याय से वंचित न रहे, इस दिशा में विधिक सेवा संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया गया। देश की एकता एवं अखण्डता की रक्षा करना, संविधान एवं राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना, पर्यावरण की रक्षा करना, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण केवल सरकार या प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदार एवं सक्रिय भागीदारी से संभव है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक जागरूकता को सामाजिक सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, श्रमिकों, गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा समाज के अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी प्रदान करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आमजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सलाह, लोक अदालत, मध्यस्थता एवं अन्य वैकल्पिक विवाद निस्तारण सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। लोगों से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें तथा किसी भी प्रकार की विधिक समस्या होने पर समय रहते उचित विधिक सहायता प्राप्त करें।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए उनसे शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं संविधान के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का आह्वान किया गया। युवाओं से समाज में विधिक जागरूकता, महिला एवं बाल अधिकारों, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सद्भाव के प्रति सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की गई।

वक्ताओं ने कहा कि आजादी की वास्तविक भावना तभी सार्थक होगी जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होगा और कानून का सम्मान करते हुए देश के विकास में योगदान देगा।

समारोह के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संविधान के मूल्यों, न्याय, समानता एवं विधि के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई। साथ ही जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों तक विधिक सहायता एवं विधिक जागरूकता की सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प लिया गया।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य केवल विवादों का समाधान कराना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को उसके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना भी है।

समारोह के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। देश की प्रगति, समृद्धि, शांति, सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण, संविधान के मूल्यों के संरक्षण तथा “न्याय सबके लिए, विधिक जागरूकता हर व्यक्ति तक” की भावना के साथ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अशोक कुमार, सचिव/सिविल जज (सीनियर डिवीजन), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती पायल सिंह, सिविल जज (सीनियर डिवीजन), रुद्रप्रयाग श्री अमित कुमार, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) श्री विकास कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट रुद्रप्रयाग श्री सिद्धांत कुमार, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, रुद्रप्रयाग के श्री प्रदीप जगवाण, रुद्रप्रयाग बार एसोसिएशन में पंजीकृत समस्त अधिवक्तागण, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री नरेन्द्र कोहली, श्री रोशन बंसवाल, श्री प्रेमेन्द्र असवाल सहित समस्त कर्मचारीगण एवं पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs) उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों एवं पैरालीगल वालंटियर्स द्वारा स्वतंत्रता दिवस की भावना के अनुरूप राष्ट्र की एकता, अखण्डता, संविधान के मूल्यों एवं विधि के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।समारोह का समापन राष्ट्र की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, सामाजिक न्याय को मजबूत करने तथा समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक विधिक सहायता एवं विधिक जागरूकता पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।

 


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *