एक और एजेंसी आई डीएम की क्यूआरटी के निशाने पर; यूपीसीएल पर 02 माह का लगा प्रतिबन्ध; कार्य अनुमति निरस्त

प्रदत्त अनुमति में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन दंडनीय अवश्य होगाः डीएम

Time & Cost overruns  की जिम्मेदारी विभाग और कार्यदायी फर्म  कीः डीएम

सड़कों पर मलबे का ढेर; बेरिकेटिंग व साईन बोर्ड नदारद; फिर दिखा डीएम का एक्शन

रात की थी अनुमति; दिन में ही खोद डाली सड़क; जनमानस की सुरक्षा पर संकट; विधिक कार्यवाही तय

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार आज उप जिलाधिकारी श्रीमती कुमकुम जोशी के नेतृत्व में क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) द्वारा देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे रोड कटिंग कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने अनियंत्रित  रोड़ कटिंग, मानकों के उल्लंघन पर एजेसिंयो को चेताया है जनमानस की सुरक्षा से खिलवाड़ कर जिला प्रशासन को विधिक एक्शन कोे मजबूर न किया जाए।  उन्होंने कहा कि प्रदत्त अनुमति में निर्धारित शर्तो  का उल्लंघन दंडनीय अवश्य होगा। अनुमति बाधित होने पर समय और लागत वृद्धि की जिम्मेदारी सम्बन्धित विभाग और कार्यदायी संस्था की होगी। 

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा सहारनपुर रोड पर सब्जी मंडी चौक से आईएसबीटी तक तथा जीएमएस रोड पर बल्लूपुर चौक से सब्जी मंडी चौक तक एडीबी द्वारा वित्तपोषित योजना Uttarakhand Climate Resilient Power System Development Project (UCRPSDP)  के अंतर्गत मुख्य मार्गों की उपरगामी विद्युत लाइनों को भूमिगत किए जाने का कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य अधीक्षण अभियंता (एडीबी) (लॉट-2), यूपीसीएल, ऊर्जा भवन, कांवली रोड द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें परियोजना समन्वय समिति से प्राप्त अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान क्यूआरटी टीम ने पाया कि संबंधित विभाग/ठेकेदार द्वारा रोड कटिंग का कार्य परियोजना समन्वय समिति द्वारा निर्धारित प्रतिबंधों एवं शर्तों के अधीन नहीं किया जा रहा है। निर्धारित प्रावधानों के विपरीत रोड कटिंग का कार्य रात्रि के स्थान पर दिन के समय भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त रिस्पना, आराघर चौक, कारगीदृमोथरोवाला रोड, दून यूनिवर्सिटी रोड, शिमला बाईपास रोड सहित अन्य क्षेत्रों में भी गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। निरीक्षण में यह सामने आया कि कार्यस्थलों पर आवश्यक बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिंग टेप एवं साइनेंज की व्यवस्था नहीं की गई है। जगह-जगह खुदाई से निकला मलबा सड़कों पर पड़ा हुआ है, जिससे मार्ग संकीर्ण हो गए हैं तथा यातायात की दृष्टि से स्थिति अत्यंत असुरक्षित बनी हुई है। यह सभी स्थितियाँ सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन को दर्शाती हैं।

अनुमति की शर्तों के गंभीर उल्लंघन को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी रोड कटिंग अनुमति संख्या 6691/643 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही, यूपीसीएल को आगामी 02 माह की अवधि तक किसी भी प्रकार की रोड कटिंग अनुमति से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार के कार्य से पूर्व निर्धारित अनुमति शर्तों, सुरक्षा मानकों एवं यातायात व्यवस्था का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा अथवा दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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