उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ का बड़ा कदम: ‘हिमाला जल’ के साथ पेयजल कारोबार में नई शुरुआत

हरिद्वार के (ज्मालापुर) में निर्माणाधीन आधुनिक मिनरल वाटर प्लांट का निरीक्षण, 15 अगस्त तक शुभारंभ का लक्ष्य; रोजगार और आत्मनिर्भर उत्तराखंड को मिलेगा नया आधार

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) सहकारिता के क्षेत्र में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए अब पेयजल उद्योग में भी प्रवेश करने जा रहा है। संघ द्वारा हरिद्वार के (जमालापुर) में स्थापित किए जा रहे आधुनिक मिनरल ड्रिंकिंग वाटर प्लांट का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इसी क्रम में आज प्रबंध निदेशक श्री आनंद शुक्ला के निर्देशानुसार संघ के वरिष्ठ प्रबंधक श्री त्रिभुवन सिंह रावत ने निर्माणाधीन संयंत्र का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों, मशीनरी स्थापना एवं उत्पादन संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान संबंधित कार्यदायी संस्था एवं तकनीकी अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के उपरांत वरिष्ठ प्रबंधक श्री त्रिभुवन सिंह रावत ने अपनी विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट प्रबंध निदेशक श्री आनंद शुक्ल को प्रस्तुत की।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ द्वारा तैयार किया जा रहा ‘हिमाला जल’ ब्रांड आगामी 15 अगस्त से बाजार में उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह ब्रांड देवभूमि उत्तराखंड की शुद्धता, गुणवत्ता और सहकारिता की पहचान के रूप में स्थापित होगा तथा प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।

प्रबंध निदेशक श्री आनंद शुक्ल ने कहा कि माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ निरंतर नए व्यावसायिक क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। ‘हिमाला जल’ परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य केवल उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सहकारिता के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देना भी है।

उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य अपने वार्षिक कारोबार को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से पेयजल, कृषि आधारित उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में योजनाबद्ध विस्तार किया जा रहा है। ‘हिमाला जल’ इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

श्री शुक्ल ने कहा कि हरिद्वार के (जमालापुर) में स्थापित यह आधुनिक वॉटर बॉटल प्लांट स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण, परिवहन, विपणन एवं वितरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखंड के हिमालयी अंचल के निर्मल और शुद्ध जल को ‘हिमाला जल’ ब्रांड के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाए। देवभूमि का जल केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और विश्वास का प्रतीक भी है।

वरिष्ठ प्रबंधक श्री त्रिभुवन सिंह रावत ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित समयानुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, उत्पादन व्यवस्था तथा मशीनरी स्थापना की प्रगति का गहन परीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य समय से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि 15 अगस्त तक संयंत्र का विधिवत शुभारंभ सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि निरीक्षण के उपरांत तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंप दी गई है। ‘हिमाला जल’ केवल एक पेयजल ब्रांड नहीं, बल्कि उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ की गुणवत्ता, विश्वास, नवाचार और सहकारिता आधारित आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक होगा, जो आने वाले समय में प्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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