Shanti Kunj begin, ध्वज वंदन के साथ शांति कुंज का शताब्दी समारोह का शुभारंभ

Shanti Kunj begin, Centenary celebrations of Shanti Kunj begin with flag hoisting

माताजी का जीवन त्याग, तप और साधना की अनुपम गाथा: पुष्कर सिंह धामी

विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण से- गजेन्द्र सिंह शेखावत

कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा: डॉ. चिन्मय पण्ड्या

Shanti Kunj begin,अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा व अखण्ड दीपक के शताब्दी समारोह का शुभारंभ ध्वज वंदन के साथ हरिद्वार के बैरागी कैम्प क्षेत्र में श्रद्धामय वातावरण में हुआ, आयोजन 23 जनवरी तक चलेगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह शताब्दी समारोह माताजी के तपस्वी जीवन, निःस्वार्थ सेवा और अखंड साधना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का साक्षात भावात्मक अभिव्यक्ति है।

माताजी का संपूर्ण जीवन त्याग, बलिदान और साधना की वह ज्योति है, जिसने असंख्य जीवनों को सही दिशा और नई दृष्टि दी, उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार को किसी एक संगठन की सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता, यह उस युग चेतना का वह प्रवाह है, जो व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र के उत्थान की ओर अग्रसर करता है।

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक चेतना का स्मरण करते हुए कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और आदि कैलाश जैसे तीर्थस्थल भारत की आत्मा की धड़कन हैं। ऐसे पावन परिवेश में आयोजित यह शताब्दी समारोह भारतीय संस्कृति, संस्कार और साधना परंपरा के नवजागरण का संदेश देता है।

इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सेवा, साधना और संस्कार के त्रिवेणी संगम यह शताब्दी समारोह नवयुग का निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा,विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण के माध्यम से ही संभव हुआ है।

जब समाज के व्यक्ति नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तभी सशक्त संस्कृति और स्थायी सभ्यता का निर्माण होता है। जनशताब्दी समारोह इसी सामूहिक चेतना को जाग्रत करने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।

शताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह समारोह किसी वैराग्यपूर्ण एकांत तपोभूमि का आयोजन नहीं है, बल्कि यह युगऋषि आचार्यश्री का “खोया-पाया विभाग” है, जहाँ व्यक्ति स्वयं को और अपने दायित्व को पुनः खोजता है।

उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य किसी के द्वार पर खड़ा होकर प्रतीक्षा नहीं कर रहा, वरन् यह आयोजन स्वयं आपके सौभाग्य का द्वार खोलने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने समाज परिवर्तन का संदेश देते हुए कहा कि “गंगा की कसम, यमुना की कसम, यह ताना-बाना बदलेगा। कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा।”

उन्होंने जनसमूह से आत्मपरिवर्तन को ही सामाजिक परिवर्तन की प्रथम शर्त बताते हुए कहा कि जब व्यक्ति स्वयं बदलने का साहस करता है, तभी राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण की नींव सशक्त होती है। शताब्दी समारोह का उद्देश्य भी इसी चेतना को जाग्रत करना है, ताकि विचार, आचरण और कर्म के स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हो सके।

शताब्दी समारोह के अवसर पर पर्यटन मंत्री स्वामी सतपाल महाराज,राज्य मंत्री विनय रुहेला, सुदर्शन न्यूज के प्रबंध निदेशक सुरेश चव्हाण, ईडी के पूर्व निदेशक राजेश्वर सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने विशिष्ट अतिथियों सहित न्यायाधीश परविन्दर सिंह, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, स्वामी सम्पूर्णानंद , स्वामी वेलु बापू ,के नारायण राव,रमेश भट्ट,दिनेश काण्डपाल, आचार्य डॉ दयाशंकर विद्यालंकार, आदि को शांतिकुंज का प्रतीक चिह्न, गंगाजली, रुद्राक्ष की माला तथा युग साहित्य आदि भेंट कर सम्मानित किया गया।
जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को पुस्तक भेट कर स्वागत किया,इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
शताब्दी समारोह कार्यक्रम में विधायक हरिद्वार मदन कौशिक,राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी,राज्य देशराज कर्णवा शोभाराम प्रजापति, जिला अध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,उपाध्यक्ष भाजपा लव शर्मा,श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम,मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र सहित अमेरिका, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों तथा भारत के कोने कोने से आए हजारों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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