टिहरी लेक फेस्टिवल – होटल, होमस्टे से लेकर वॉटर स्पोर्ट्स में मिलेगी विशेष छूट

शासन, प्रशासन के साथ जन सहभागिता का शानदार उदाहरण बनने जा रहा है आयोजन

टिहरी जनपद में पयर्टन को बढ़ावा देने के लिए आगामी 6 से 9 मार्च के बीच प्रस्तावित टिहरी लेक फेस्टिवल, शासन- प्रशासन और स्थानीय जन सहभागिता का शानदार उदाहरण बनने जा रहा है। जहां एक और जिला प्रशासन प्रतिभागियों को हर तरह से सुविधा देने का प्रयास कर रहा है, वहीं स्थानीय होटल, होमस्टे संचालकों से लेकर वाटर स्पोर्ट्स संचालित करने वाले निजी हितधारकों ने भी प्रतिभागियों को शुल्कों में विशेष छूट देने का निर्णय लिया है।

टिहरी जिला प्रशासन और उत्तराखंड पयर्टन विकास परिषद के संयुक्त प्रयासों से जिले के विभिन्न स्थानों में आगामी 6 से 9 मार्च के बीच Himalayan O₂ – टिहरी लेक फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में देशभर से प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि प्रतिभागियों को इस दौरान होटल, होमस्टे, वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी में विशेष छूट मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि आयोजन के लिए पंजीकरण करवाने वाले प्रतिभागियों को इन तिथियों में स्थानीय होटल और होमस्टे के किराए में 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी में 25 प्रतिशत तक छूट मिलेगी, पयर्टन को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों ने स्वयं यह पहल की है।

स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा

आयोजन के दौरान प्रतिभागी उत्तराखंड की संस्कृति और खान पान की विशिष्ट परंपरा से भी परिचित होंगे। इसके लिए जहां मास्टर शेफ प्रतियोगिता में स्थानीय व्यंजनों की प्रतियोगिता होगी, वही फैशन शो में भी प्रतिभागी स्थानीय पहनावे और गहनों में सजे नजर आएंगे। सबसे बड़ा आकर्षण 6 मार्च को कोटी कॉलोनी में पांडवाज बैंड और वीर भड़ माधो सिंह भंडारी की जीवनगाथा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति की होगी। इसके अलावा विभिन्न तिथियों पर स्थानीय कलाकार भी प्रस्तुति देंगे।

टिहरी लेक फेस्टिवल, जनपद का सबसे बड़ा आउटडोर फेस्टिवल है, इसके तहत हम जनपद के अलग – अलग क्षेत्रों में होने वाली ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, राफ्टिंग जैसी पर्यटन गतिविधियों को शामिल करते हुए, पयर्टकों को जनपद की पयर्टन संभावनाओं से परिचित कराने का प्रयास कर रहे हैं, इसमें स्थानीय लोगों का भी सहयोग मिल रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में ट्रैकिंग अभियान आयोजित किए जाने से ग्रामीण पयर्टन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *