*हरिद्वार में सतत विकास लक्ष्य (SDG) एवं पीएम गतिशक्ति विजन 2047 पर एक दिवसीय कार्यशाला*

*विकास योजनाओं के बेहतर समन्वय और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति पर हुआ मंथन।*

*हरिद्वार।जनपद हरिद्वार में सोमवार को सतत विकास लक्ष्य (SDG) एवं पीएम गतिशक्ति विजन 2047 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में निर्देशक  नियोजन विभाग के निदेशक डॉ. मनोज कुमार पंत की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सहित जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया

कार्यशाला का आयोजन राज्य संस्थान फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड गुड गवर्नेंस, उत्तराखण्ड के तत्वावधान में किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए निर्देशक नियोजन डॉ मनोज कुमार पंत ने कहा कि सतत विकास के 17 गोल निर्धारित किए गए है,जिसके तहत सभी को आपसी समन्वय के साथ लक्ष्यों की प्रति के लिए सभी को इस दिशा में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि सतत विकास का मुख्य उद्देश्य गरीबी उन्मूलन, भुखमरी की समाप्ति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल एवं स्वच्छता, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।उन्होंने कहा कि गांव के विकास के लिए बेहतर कार्य योजना तैयार करते हुए उससे धरातल पर उतरना है,जिससे कि गांव विशिष्ट होगा उससे जनपद भी विकसित होगा,जनपद विकसित होगा तो प्रदेश भी विकसित होगा।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद के विकास के लिए निर्धारित किए गए 17 लक्ष्यों को पूर्ण करने के संबंध में जो जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है,उससे सभी संवेदनशीलता के साथ ग्रहण करते हुए सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करे।

इस दौरान एम/ई स्पेशलिस्ट शैलेंद्र कुमार ने सतत विकास लक्ष्य  लक्ष्यों के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर कार्यशाला में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह योजना विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों को बहुआयामी कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे अवसंरचना विकास को गति मिल सके और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस अवसर पर अधिकारियों को बताया गया कि पीएम गतिशक्ति के अंतर्गत रेलवे, सड़क, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, जन परिवहन और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दी जा रही है।

कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया। साथ ही जनपद स्तर पर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुझाव भी साझा किए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सतत विकास लक्ष्यों और पीएम गतिशक्ति योजना के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कहा गया कि इन पहलों के माध्यम से वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

इस अवसर पर जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी,सहायक परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार,जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, सहायक निर्देशक मत्स्य गरिमा मिश्रा सहित जिलास्तरीय अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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