Anniversary of Jallianwala Bagh, जलियांवाला बाग की वर्ष गांठ पर भारी संख्या में हरिद्वार पहुंचे,उत्तराधिकारी परिवार, और वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी ।
Anniversary of Jallianwala Bagh, Successor families and veteran freedom fighters reached Haridwar in large numbers on the anniversary of Jallianwala Bagh.
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार सम्मान यात्रा को शुभ संकेत दिखा कर रवाना किया,विधायक आदेश चौहान ने।
केबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने वयोवृद्ध सेनानीयों सहित किया दीप प्रज्वलन।
शिवडेल स्कूल के छात्रों के वंदेमातरम् गायन के साथ शुरू हुआ सम्मेलन।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार कोई भिखमंगे नहीं हैं, सरकार ने हमें भिखमंगा मान लिया है जिस दिन सेनानी उत्तराधिकारीयों की हुंकार उठेगी सत्ताओं की नींव हिल जायेगी।
Anniversary of Jallianwala Bagh, हरिद्वार 13 अप्रैल जलियांवाला बाग़ जन संहार की 107 वीं वर्षगांठ की स्मृति में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में भारत भर के विभिन्न प्रांतों से आए वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानीयों और उत्तराधिकारीयों ने बडी संख्या में शिरकत की।
116 साल के स्वतंत्रता सेनानी स्वामी लेखराज और शतायु श्री आनंद सिंह बिष्ट को देख भाव विभोर हुए सेनानी उत्तराधिकारीयों ने उनकी चरण रज लेकर उनके प्रति अपना सम्मान और आभार व्यक्त किया।




सवेरे तड़के पुल जटवाड़ा के निकट स्थित अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क, में बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानीयों और उत्तराधिकारीयों ने जगदीश वत्स की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर राष्ट्र गान के साथ ध्वजारोहण किया। सम्मेलन में उत्तराखंड से बड़ी संख्या में सेनानी उत्तराधिकारी और सेनानी मौजूद रहे, इसके साथ ही झारखंड, छत्तीसगढ़, बहराइच, झांसी, त्रिपुरा, कलकत्ता आदि देश भर के कई हिस्सों से सेनानी उत्तराधिकारीयों ने शिरकत की।








शहीद वत्स पार्क से शुरु हुई सेनानीयों की सम्मान और शौर्य यात्रा को क्षेत्र के विधायक आदेश चौहान ने शुभ संकेत दिखा कर रवाना किया, पुल जटवाड़ा से ज्वालापुर कटहरा बाजार, रेलवे पुलिस चौकी ज्वालापुर, आर्य नगर चौक रानीपुर मोड़ होते हुए सम्मान यात्रा कार्यक्रम स्थल ऋषिकुल आयुर्वैदिक कॉलेज परिसर में पहुंची।


यात्रा की मार्ग कई स्थानों पर पुष्प वर्षा, माल्यार्पण और सूक्ष्म जलपान से लोगों ने स्वागत किया।

पुलिस एस्कॉर्ट और सराहनीय पुलिस सुरक्षा के बीच शहीदों के परिजनों को देखने लोग सड़कों पर उतरे।
सम्मेलन की शुरुआत शिवडेल स्कूल के छात्रों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत वंदे मातरम से की गई।
कालेज आडिटोरियम में सर्वप्रथम सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्र रघुवंशी ने बडे भाव पूर्ण स्वर में उत्तराधिकारीयों को गौरैया की भांति विलुप्त होने की ओर अग्रसर स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों कह कर सम्बोधित किया।
उन्होंने सेनानी उत्तराधिकारीयों की समस्याओं और पीड़ाओं का जिक्र करते हुए कहा बडा दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर प्रधानमंत्री ने धोषणा की कि सेनानीयों के सपनों का भारत बनायेगे, वहीं दूसरी ओर सेनानी उत्तराधिकारीयों को ऐसी उपेक्षा का सामना करना पड़ता है जो असहनीय है, उन्होंने कहा स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार कोई भिखमंगे नहीं हैं, सरकार ने हमें भिखमंगा मानलिया है जिस दिन सेनानी उत्तराधिकारीयों की हुंकार उठेगी सत्ताओं की नींव हिल जायेगी।
उन्होंने कहा स्वतंत्रता सेनानी पेंशन किसी वेतनभोगी का भाग नहीं है सम्मान पेंशन है जिसे अनुचित रूप से बंद कर दिया गया, हमने मुख्यमंत्री से मैमोरियल की बात की जिसकी आज तक कोई सुनवाई नहीं की गई।
सम्मेलन में रघुवंशी ने सेनानी सहयोगी को भी यात्रा का अधिकार देने अगली पीढ़ी को पेंशन लाभ देने की बात कही।





सम्मेलन का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक तथा वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानीयों ने दीप प्रज्वलित कर किया, सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरिद्वार के विधायक और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा मैं सेनानीयों और उत्तराधिकारीयों का हरिद्वार पधारने पर हार्दिक स्वागत करता हूं उन्होंने कहा आज जिस हवा में हम सांस ले रहे हैं वो महान स्वतंत्रता सेनानीयों की देन है आप उन लोगों के वंशज है मैं आप सभी के प्रति श्रद्धा भाव रखता हू भारत माता के की स्वतंत्रता और देश के लिए जिन्होंने बलिदान दिया मैं उन भारत माता के सपुतों को नमन करता हूं ।
उन्होंने कहा मैं सेनानीयों की मांगों और समस्याओं को मुख्यमंत्री तक अवश्य लेकर जाऊंगा और इतना ही नहीं आपके प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री के पास लेकर चलूंगा और नगर निगम बोर्ड से कोई दिक्कत नहीं आयेगी ये मेरा वादा है, सेनानीयों के लिए काम कर कोई भी सरकार सम्मान महसूस करेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार के नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्र ने कहा
मै सबसे पहले आज जितने लोगों के बीच उपस्थित हूं ये सब मेरे रक्त सम्बंधी है, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा नई चीजें लेकर सामने आते हैं और मुझे भरोसा है कि फ्रिडम फाईटर के लिए भी उनके दिल में कुछ अनोखा चल रहा होगा क्योंकि फ्रीडम फाइटर से बडी कोई संस्था नहीं हो सकती मुझे तो आज ऐसा महसूस होता है जैसे 1947 के बाद केवल गांधी और नेहरू ने ही हमें आजादी दिलाई, हजारों के बलिदान से खडा है ये देश,सेनानी आज उपेक्षित है जबकि वह केवल सम्मान कि अपेक्षा रखता है।
छत्तीसगढ़ में सम्मेलन करने की इच्छा व्यक्त करते हुए उन्होंने मंच से सभी को छत्तीसगढ़ राज्य आने का निमंत्रण दिया ।
कार्यक्रम को अनिर्वचनीय सम्बोधन के साथ शिवडेल स्कूल के संचालक स्वामी शरदपुरी ने स्वतंत्रता संग्राम में साधू सन्यासियों और नागा संतो के बलिदान को याद किया।
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में स्वतंत्रता सेनानीयों से अशोभनीय व्यवहार के लिए कालेज प्रबंधन की सेनानीयों ने जम कर निंदा की और शेम शेम के नारे लगाए।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में रुड़की से कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने भी सेनानीयों और उत्तराधिकारीयों के प्रति सम्मान के भाव व्यक्त किए।
सभी वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानीयों को अंगवस्त्र,प्रतीक चिन्ह और माल्यार्पण से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में महान स्वतंत्रता सेनानी शाहनवाज़ खान के पौत्र अदनान ने भी शिरकत की उनके साथ किसान मोर्चा से असजाद किसन और अन्य भी मौजूद रहे।
मंच का सकुशल संचालन साहित्यकार नरेंद्र मोहन कौशिक ने किया, शिवडेल के कलाकार ने आपरेशन सिंदूर का भाव पूर्ण मंचन कर सभी को भाव विभोर किया।
