उपाध्यक्ष राज्य सफाई कर्मचारी आयोग श्री भगवत प्रसाद मकवाना ने बुधवार को आपदा निवारण एवं प्रबंधन केंद्र (डीएमएमसी) सभागार, सचिवालय में स्वच्छता कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने स्वच्छता कर्मचारियों के जोखिम भरे कार्य को देखते हुए उनके बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने के साथ ही स्वच्छता कर्मचारियों का वेतन उपनल एवं पीआरडी कर्मचारियों के समान सुनिश्चित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मचारी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उनके हितों की रक्षा एवं सुविधाओं पर ध्यान देना हमारी प्राथमिकता है।

उपाध्यक्ष श्री मकवाना ने शासनादेश के अनुसार निकायों में कार्यरत मोहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा स्वच्छता कर्मचारियों को भी श्रम विभाग के अंतर्गत टूल्स के माध्यम से कार्य करने वाले कर्मचारियों की भांति कुशल एवं अर्ध-कुशल श्रेणी में रखे जाने का प्रस्ताव तैयार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजिंग से जुड़े कर्मचारियों के सर्वेक्षण को पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ कराये जाने की भी बात कही। उन्होंने सीवर लाइन की सफाई के लिए रोबोटिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु जल संस्थान को रोबोट का प्रदर्शन (डेमो) कराने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने नगर निगम देहरादून द्वारा 715 आउटसोर्स कर्मचारियों के संबंध में शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति हेतु अनुरोध किये जाने तथा स्वच्छता कर्मचारियों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफी के संबंध में भी कार्यवाही करने को कहा।
उपनल कर्मचारियों के लिए “समान कार्य के लिए समान वेतन” के आदेशों के अनुपालन के संबंध में उपाध्यक्ष श्री मकवाना ने मेडिकल कॉलेज एवं दून अस्पताल के उपनल कर्मचारियों को शीघ्र लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। इस पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा शासन से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त कर शीघ्र कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया।

इस अवसर पर सदस्य अनुसूचित जाति जनजाति उपयोजना जयपाल वाल्मीकि, अपर सचिव श्याम सिंह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय कुमार आर्या, महाप्रबंधक पेयजल प्रणय पुरोहित, दून मेडिकल कॉलेज के डॉ. एन.एस. बिष्ट, सहायक निदेशक शहरी विकास विभाग एस.पी. जोशी, सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं सफाई कर्मचारी संगठन से जुड़े लोग उपस्थित थे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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