पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के साथ तीर्थ नगरी हरिद्वार में कथाओं का दौर शुरू,
श्री यंत्र मंदिर कनखल में श्रीमद् भागवत कथा शुरू,
पुरुषोत्तम मास सभी मासों में सर्वश्रेष्ठ- महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज
पुरुषोत्तम मास में गंगा स्नान और श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से कई गुना फल मिलता है आचार्य नीरज जोशी
हरिद्वार। पुरुषोत्तम मास के आज शुरू होने के साथ ही तीर्थ नगरी हरिद्वार में एक महीने तक चलने वाली श्रीमद् भागवत कथा और गंगा स्नान का दौर शुरू हो गया है। हरिद्वार एवं कनखल के विभिन्न आश्रम धर्मशालाओं मंदिर और मठों में विभिन्न कथावाचक कथा व्यास की पीठ पर बैठकर श्रीमद् भागवत का बखान कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में तीर्थ नगरी हरिद्वार में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने और गंगा स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत कथा और गंगा स्नान से मिलने वाला फल कई गुना बढ़ जाता है। इसी क्रम में आज धर्मनगरी कनखल में श्री यंत्र मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कुमाऊँनी वेशभूषा में 108 महिलाओं ने कलश यात्रा शुरू की जो श्री यंत्र मंदिर से शुरू होकर गंगा घाट पर पहुंची और वहां से जल भरकर महिलाएं कथा स्थल पर आई और 108 कलशों की स्थापना की गई। इस अवसर पर गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, पितरों का पूजन किया गया। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा व्यास पीठ के आचार्य पंडित नीरज जोशी ने श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया और उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा करने और श्रवण करने का पुरुषोत्तम मास में विशेष महत्व बताया। श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान हेमचंद्र जोशी, प्रकाश चंद जोशी और रमेश चंद जोशी एवं जोशी परिवार हैं। श्रीमद् भागवत कथा में उमा जोशी, मालती जोशी, गुंजन जोशी, हर्षित जोशी, भावेश पंत,कमल पंत,पीयूष तिवारी, विशाल शर्मा, योगेश पांडे आदि का विशेष सहयोग रहा है।
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर एवं भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरी महाराज ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इस दौरान पूजा-पाठ, दान-पुण्य, श्रीमद् भागवत कथा श्रवण एवं गंगा स्नान का विशेष महत्व है।
भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरी ने बताया कि आज पुरुषोत्तम मास का शुभारंभ हो चुका है और पुरुषोत्तम मास में परिवार सहित श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने और गंगा स्नान करने का बहुत महत्व है और पुरुषोत्तम मास में इसका पुण्य फल कई गुना प्राप्त होता है।
श्री यंत्र मंदिर कनखल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के व्यास पीठ के युवा आचार्य एवं सुप्रसिद्ध कथाकार आचार्य नीरज जोशी के सानिध्य में कथा का आयोजन आज से शुरू होकर 23 मई तक चलेगा और 24 मई को भंडारा आयोजित किया जाएगा। कथा शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
श्रीमद् भागवत कथा और पुरुषोत्तम मास का महत्व बताते हुए तथा वाचक आचार्य नीरज जोशी ने कहा कि हिंदू पंचांग के अनुसार जब अतिरिक्त मास आता है तो उसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मास को पहले मलमास कहा जाता था, लेकिन भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर पुरुषोत्तम मास का दर्जा दिया। तभी से यह मास अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
कथा व्यास आचार्य नीरज जोशी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास का विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया था। हिरण्यकश्यप ने ब्रह्मा जी से कई वरदान प्राप्त किए थे, जिनमें यह भी शामिल था कि उसकी मृत्यु ना दिन में हो, ना रात में, ना घर के अंदर और ना बाहर, ना किसी अस्त्र से हो और ना किसी महीने में। तब भगवान विष्णु ने संध्या समय नरसिंह अवतार लेकर उसका वध किया और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की।
आचार्य नीरज जोशी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण, गंगा स्नान, भगवान विष्णु की आराधना, गीता पाठ और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने और अपने जीवन में धार्मिक संस्कारों को अपनाने की अपील की। श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान प्रकाश जोशी ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा एवं कलश यात्रा में शामिल हो रहे हैं और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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