नई टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला का भव्य समापन, राम राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुई अंतिम लीला

नई टिहरी। सन 1952 से निरंतर आयोजित हो रही नई टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला का अंतिम दिवस भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने एवं उनके राज्याभिषेक के भव्य मंचन के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिवस की लीला ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

मंचन के दौरान एक अत्यंत मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम भरत से कहते हैं, “कपि से उऋण हम नाहीं”, अर्थात हम वानरराज हनुमान के उपकारों से कभी उऋण नहीं हो सकते। यह प्रसंग राम और हनुमान के अटूट प्रेम, समर्पण एवं भक्ति का प्रतीक है। इसके पश्चात श्रीराम हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहते हैं कि इस जगत में जब-जब उनका नाम लिया जाएगा, हनुमान जी का नाम भी उनके साथ श्रद्धापूर्वक लिया जाएगा। इस भावुक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा राम एवं हनुमान के पात्रों के सशक्त अभिनय की दर्शकों ने जमकर सराहना की।

आज बाहरवें दिवस पर विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ 11 दिवसीय धार्मिक यज्ञ का भी सफल एवं सुखद समापन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर भगवान श्रीराम से सुख, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। पूरे आयोजन का वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में टिहरी के सम्मानित विधायक आदरणीय किशोर उपाध्याय उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल तथा पूर्व राज्य मंत्री वीरेंद्र उनियाल शामिल रहे। अन्य गणमान्य अतिथियों में भाजपा के वरिष्ठ नेता जीतराम भट्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष उदय रावत एवं सभासद विजय कठैत उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में विधायक किशोर उपाध्याय ने रामलीला जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए इनके संरक्षण एवं संवर्धन पर बल दिया।

उन्होंने घोषणा की कि आगामी वर्ष रामलीला को और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए वे हर स्तर पर रामलीला समिति के साथ खड़े रहेंगे और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे।

कार्यक्रम के दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया।

समापन समारोह के अवसर पर रामलीला के सभी कलाकारों तथा आयोजन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। समिति ने मंचन, व्यवस्थाओं, तकनीकी सहयोग, सजावट, संगीत, प्रचार-प्रसार एवं अन्य विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके योगदान को रामलीला की सफलता का आधार बताया।

इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत (अध्यक्ष नगर पालिका), कमल सिंह महर, महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, महासचिव अमित पंत, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेन्द्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश लांबा, उपाध्यक्ष भगवान चंद रमोला, मनोज राय, सुषमा उनियाल, रचना उनियाल, जशोदा नेगी, सभासद उर्मिला राणा, निर्देशक अनुराग पंत, सचिव गंगा भगत नेगी, नन्दू बाल्मीकि, सीताराम भट्ट, भवानी भाई, अनुसुया नौटियाल, सीमा पंत, हरीश गिरी, अनुज पंत, हरीश घिल्डियाल, जयेंद्र पांडे, शिवम गिरी, मनीष पंत, अंकित पांडे, अंजलि गिरी, अंजलि विश्वकर्मा, परिधि पंत, शंकर सैनी, अनिका पंत, कल्पना पांडे, ममता पंत, गबर तथा सूरज गिरी सहित समिति के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर ऐतिहासिक रामलीला का आनंद लिया।

राम राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुई इस वर्ष की रामलीला एवं 11 दिवसीय यज्ञ के सफल समापन ने नई टिहरी की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परंपराओं को एक बार फिर गौरवान्वित किया।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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