District Magistrate takes strict action, यात्रियों की जान जोखिम में डाल दिन रात दौड़ती लक्जरी एसी बसों के विरुद्ध जिलाधिकारी की सख्त कार्रवाई।
District Magistrate takes strict action, against luxury AC buses running day and night, risking the lives of passengers.
6 लक्जरी बसें सीज,45 बसों के चालान, और 5 अन्य वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त।
District Magistrate takes strict action, इन दिनों बडी संख्या में हरिद्वार, देहरादून से लेकर दिल्ली जयपुर तक दिन-रात दौड़ रही स्लीपर कम सिटिंग कोच वाली एसी लक्सरी बसों के साथ घट रही आगजनी की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रशंसनीय और ठोस कदम उठाया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के आदेश पर हरिद्वार में 6 बसों को सीज करने के साथ ही
45 बसों के चालान, और 5 अन्य वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त किये गये हैं।

यात्रियों की सुरक्षा की परवाह किए बिना ज्यादा से ज्यादा कमाई के चक्कर में बड़ी संख्या में लगातार दिन रात दौड रही लक्जरी एसी बसों के कारण पिछले कुछ दिनों में आगजनी की कई घटनाएं सामने आ चुकी है और आग लगने का कारण इंजन में तकनीकी खराबी बताया जाता है जबकि लगातार दौड़ती बसों में इंजन के ओवर हीट का अंदेशा ज्यादा बड़ा कारण हो सकता है।
6 एवं 07 जून, 2026 को लक्जरी बसों के विरुद्ध विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के आदेश पर जनपद हरिद्वार में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा यात्री वाहनों के सुरक्षित एवं नियमबद्ध संचालन के उद्देश्य से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा 6 तथा 7 जून, 2026 को लक्जरी एवं अन्य यात्री बसों के विरुद्ध विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया।
श्रीमती नेहा झा, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), हरिद्वार एवं कृष्णा पलारिया, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, रुड़की के नेतृत्व में परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों, इंटरसेप्टर वाहनों तथा तकनीकी निरीक्षण दलों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किये गये अभियान के अंतर्गत हरिद्वार, रुड़की, राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख यात्री मार्गों, बस अड्डों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर संचालित लक्जरी बसों एवं यात्री वाहनों का व्यापक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, कर अदायगी, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, चालक अनुज्ञप्ति, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा अन्य अनिवार्य सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया गया। जांच के दौरान अनेक वाहनों में विभिन्न प्रकार की तकनीकी एवं वैधानिक अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की गई।
विशेष अभियान के दौरान कुल 45 बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 6 बसों को सीज किया गया। इसके अतिरिक्त तकनीकी मानकों के अनुरूप न पाए जाने वाले 5 वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने हेतु सक्षम प्राधिकारी को संस्तुति प्रेषित की गई है।
अभियान के दौरान विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पूर्ण अनुपालन हो तथा सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा एवं अनुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों एवं संचालकों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार के सघन प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
इस विशेष अभियान में श्रीमती वरुणा सैनी, परिवहन कर अधिकारी, भारत भूषण, मुकेश भारती, रविन्द्र पाल सैनी, हरीश रावल, श्रीमती संगीता धीमान, नवीन तिवारी, के.के. बिजल्वाण तथा आनंद वर्धन, सम्भागीय निरीक्षक (तकनीकी) सहित परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सक्रिय सहभागिता करते हुए अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
परिवहन विभाग ने समस्त वाहन स्वामियों एवं संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के समस्त अभिलेख अद्यतन रखें, वाहनों का नियमित अनुरक्षण कराएं तथा निर्धारित सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। नियमों का पालन न केवल दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायक होगा, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।