*हरिद्वार: संघ शिक्षा वर्ग का समापन
भारत विश्वगुरु था,विश्वगुरु है और विश्व गुरु ही रहेगा : ले.ज.अजय कुमार
राष्ट्र निर्माण के लिए संघ तैयार कर रहा स्वयंसेवक : संदीप जैन
हरिद्वार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखंड प्रांत का 14 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी) सोमवार को सरस्वती विद्या मंदिर, सेक्टर-2, रानीपुर, भेल में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। वर्ग का शुभारंभ 28 मई को यज्ञ-हवन एवं सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ था।
मुख्य अतिथि ले.जनरल अजय कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्र को देखें तो एक तरफ पाकिस्तान है, और दूसरी तरफ चीन इन दोनों के साथ हमारा बॉर्डर आज भी पूरी तरह से डेमर्केटेड नहीं है पूरी तरह से एग्रीमेंट नहीं हुआ है और इन बॉर्डर्स के ऊपर हमारे शहनाई पूरी चौकसी के साथ तैनात है। 47-48 की लड़ाई हो या 65-71 कारगिल,बालाकोट जैसी घटनाएं होती रही है राष्ट्र को बाहर से भी खतरा है, इंटरनल अंतरिक्ष सुरक्षा का भी खतरा है। तो हमें हमेशा हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना पड़ेगा। क्या हम इस तरह की स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है, यह हम सबको सोचना होगा। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटीयों में साइंटिस्ट है उन्हें नई-नई तकनीक के विषय में शोध करना होगा। आज वह जमाना नहीं है कि हम बाहर के विदेश के समान के साथ लड़ाई लड़े क्योंकि वह सामान की आपूर्ति कभी भी बंद हो सकती है। इसलिए जरूरत है कि हमें वह तकनीक इजयात करनी होगी। आत्मनिर्भरता से अपने ही देश में बनाना होगा नहीं तकनीक को विकसित करना होगा और आज के तारीख में लड़ाई सिर्फ बॉर्डर पर नहीं होगी एक रॉकेट और मिसाइल हजारों किलोमीटर अंदर एकदम प्रेसीजन 10 मीटर के फैसले में हमला कर सकता है।कहीं भी किसी भी सिटी के ऊपर शहर के ऊपर हमला किया जा सकता है अगर ऐसा हमला हुआ तो क्या हम इसके लिए तैयार है अपनी सुरक्षा करने में समर्थ है क्या अपनी मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग बना रहे हैं क्या हमने उसके अंदर प्रावधान रखा है कि उसके अंदर अंडरग्राउंड स्ट्रक्चर हो जहां हम जा पाए अपने घरों में क्या हमने इस तरह के बंद कर या इस तरह का प्रावधान किया है। उन्होंने संघ के स्वयंसेवको से कहा कि अनुशासन बगैर कुछ हासिल नहीं किया जा सकता है। एक बेहतर और जिम्मेदार नागरिक बनने की हमारे संविधान के अनुच्छेद 51 ए के अंदर हमारे दायित्वों और जिम्मेवारियों को बताया गया है। राष्ट्र के प्रति आपकी एक समर्पण की भावना राष्ट्र के प्रति आपका प्रेम यह अत्यंत जरूर जितने भी राष्ट्रीय प्रतीक है चाहे वो राष्ट्रीय ध्वज है,राष्ट्रगान है, राष्ट्रगीत है, इन सब के प्रति एक सम्मान की दृष्टि हो इसके साथ राष्ट्र सुरक्षा में अपना योगदान देना अत्यंत जरूरी है। आज के माहौल में अपनी सांस्कृतिक विरासत को संभाल के रखना कहता है। भारत विश्व गुरु था मैं कहता हूं भारत विश्व गुरु था नहीं भारत आज भी विश्व गुरु है और भारत हमेशा विश्व गुरु रहेगा। यह तब संभव है जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ जुड़े उसको पहचाने उसको अमल मिले उसको अपनी दिनचर्या में अपने सभी जितने भी हमारे कर्तव्य हैं उसमें हम शामिल करें।
विशिष्ट अतिथि उद्यमी संदीप जैन ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण होगा तो सभी का निर्माण होगा और संघ इसी कार्य में लगा है कि कैसे राष्ट्र का निर्माण हो हर एक भारतीय में राष्ट्रीयता की भावना हो, देशभक्ति की भावना हो।
मुख्य वक्ता डॉ. शैलेन्द्र जी ने कि समाज में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य के पंच परिवर्तन से ही भारत परम वैभव को प्राप्त करेगा। संघ का कार्य समाज को जोड़ना और संगठित शक्ति के माध्यम से राष्ट्र का उत्थान करना है। उन्होंने बताया कि संघ शिक्षा वर्ग व्यक्ति निर्माण की प्रयोगशाला है। यहां 20 दिन की कठोर दिनचर्या, शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण के बाद स्वयंसेवक समाज में राष्ट्र कार्य के लिए पूर्ण रूप से समर्पित होता है।
उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व में नई पहचान बना रहा है। जी-20 की अध्यक्षता, चंद्रयान की सफलता और आर्थिक प्रगति से दुनिया भारत की ओर देख रही है। परंतु यह बाहरी पहचान तभी सार्थक होगी जब हम समाज के भीतर व्याप्त कुरीतियों को दूर करेंगे। छुआछूत, ऊंच-नीच, जातिगत भेदभाव से मुक्त समरस समाज बनाना होगा। पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना होगा। प्रत्येक घर में बच्चों को संस्कार और परिवार में संवाद की परंपरा को जीवित रखना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि वर्ग से निकलने के बाद प्रत्येक शिक्षार्थी अपने गांव या मोहल्ले में एक सामाजिक कार्य की जिम्मेदारी ले। स्वच्छता, शिक्षा या स्वास्थ्य किसी एक क्षेत्र में काम शुरू करे।
शारीरिक प्रदर्शन और सम्मान समारोह:
समारोह में शिक्षार्थियों ने दंड युद्ध, नियुद्ध, योगासन, सूर्य नमस्कार और सामूहिक समता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
वर्ग सर्वव्यावस्था प्रमुख वीर प्रताप ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस 15 दिवसीय वर्ग में उत्तराखंड के 13 जिलों से कुल 306 शिक्षार्थी शामिल हुए। वर्ग में प्रतिदिन प्रातः 4:30 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक की दिनचर्या रही। कुल 40 घंटे शारीरिक प्रशिक्षण और 60 घंटे बौद्धिक सत्रों का आयोजन हुआ। बौद्धिक सत्रों में संघ का इतिहास, भारतीय संस्कृति, वर्तमान चुनौतियां और पंच परिवर्तन विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने वर्ग के सफल आयोजन के लिए भेल प्रबंधन, विद्यालय परिवार एवं हरिद्वार के नागरिकों का आभार जताया। मंचासीन मानुभावों में जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान तथा वर्गाधिकारी प्रवीण कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रान्त सह प्रचारक चंद्रशेखर जी,विभाग पालक सुनील जी,विभाग प्रचारक राकेशजी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, उद्योगपति और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वर्ग गीत और राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ वर्ग का विधिवत समापन हुआ।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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