On the 21st Yoga Day, The human body is a temple, and yoga asanas are a method of worship that establishes purity in the body – Jitendra Raghuvanshi

On the 21st Yoga Day, 21 जून आज बारहवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हरिद्वार में अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क निकट पुल जटवाड़ा ज्वालापुर में

सुबह 6.00 बजे से 8 बजे तक निःशुल्क योग शिविर लगाया गया, जिसमें योग प्रशिक्षक, प्रशिक्षणार्थी तथा स्थानीय लोगों की उत्साहवर्धक उपस्थिति रही।

योग शिविर का उद्घाटन राष्ट्रपति से सम्मानित हरित ऋषि विजयपाल सिंह बघेल, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी तथा संगठन के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश आर्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया।

दीप प्रज्ज्वलन के बाद मातृभूमि की वन्दना राष्ट्रीय अनुशासन के अनुरूप *वन्दे मातरम* के गायन के साथ की गई। योग मर्मज्ञ श्री गणेश गायत्री परिवार ट्रस्ट के संस्थापक जितेन्द्र रघुवंशी ने प्रथम चरण में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया तत्पश्चात रोगानुसार मधुमेह, थायरॉइड, हृदय रोग, रक्तचाप, मोटापा, सिर दर्द, माइग्रेन, सर्वाइकल तथा पाचन संस्थान से सम्बन्धित रोगों से छुटकारा पाने के लिए प्रज्ञायोग व्यायाम कराया।

योगाचार्य जितेन्द्र रघुवंशी ने प्रज्ञायोग व्यायाम की महत्ता बतलाते हुए कहा कि इसमें अंग संचालन के साथ-साथ श्वास-प्रश्वास का ऐसा समावेश किया गया है कि निरोग रहने के लिए अन्य किसी व्यायाम की आवश्यकता नहीं रहती है।

उन्होंने भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, बाह्य, उज्जायी, भ्रामरी, उद्गीथ, शीतली, सीत्कारी, चन्द्रवेधी, सूर्यवेधी तथा नाड़ी शोधन प्राणायामों के द्वारा विभिन्न रोगों से छुटकारा पाने के लिए भी अभ्यास कराया। उन्होंने उपस्थित योगानुरागियों को सम्बोधित करते हुए शरीर को भगवान का मंदिर बतलाया और कहा कि शरीर रूपी मंदिर की सफाई हमें नित्य योगाभ्यास रूपी झाड़ू से करना चाहिए।

रघुवंशी ने कहा कि जिसके जीवन में किसी भी प्रकार योग साधना का प्रवेश हो जाता है, उसे शारीरिक रोगों से मुक्ति मिल जाती है। जिस तरह उजाला होते ही अंधकार अपने आप समाप्त हो जाता है उसी तरह एक घंटा नित्य योगाभ्यास करने वाले व्यक्ति के शरीर से बीमारियों का अंधकार अपने आप समाप्त हो जाता है।

उन्होंने कहा आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चौबीस घंटे में से एक घंटा भी हम उस शरीर के लिए नहीं निकाल पाते जिससे सारे कार्य होने हैं। यदि शरीर ही स्वस्थ नहीं रहेगा तो दुनिया किस काम की। अतः एक घण्टे का समय शरीर साधना के लिए अवश्य लगाना चाहिए, रघुवंशी ने योग दिवस पर शामिल भाई बहनों को आगाह करते हुए कहा कि *जो व्यक्ति आसन प्राणायाम के द्वारा स्वास्थ्य रक्षा के लिए समय नहीं निकाल पाते, उन्हें गंभीर बीमारी होने पर बेशकीमती असीमित समय तथा अकूत धन लगाने के लिए तैयार रहना चाहिए।

दैशिक शास्त्र के मर्मज्ञ सुरेश चन्द्र सुयाल ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि एक योगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे विश्व में योग दिवस की मान्यता दिलाकर समूचे विश्व को आरोग्यता का वरदान दिया है।

जगदीश वत्स पार्क में संचालित योग दिवस के कार्यक्रम में प्रसिद्ध समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा ने योग साधकों को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में शामिल होने के लिए प्रमाण पत्र वितरित किए।

इस कार्यक्रम की सफलता में श्री गणेश गायत्री परिवार ट्रस्ट के सह व्यवस्थापक सत्यवीर सिंह, योग शिक्षक सतेन्द्र कुमार, अवतार सिंह, पूनम बृजेश सिंह, संगठन के संयुक्त सचिव आदित्य गहलौत, आदित्य प्रकाश उपाध्याय, प्रमेश कुमार का सराहनीय योगदान रहा है।
योग साधकों के रूप में दुष्यंत चौहान, मनोज कुमार, मुकेश कुमार, गिरीश चंद्र लोहनी, गोविंद सिंह, गौरव चौहान, प्रेम कुमार, हरेंद्र सिंह, अजय सरोज, अंशुमान शर्मा, रविंद्र कुमार शर्मा, रविंदर सूद, अजय सरोज, श्रीमती अनुराधा, द्रौपदी, अनीता, राधा, सावित्री, मुन्नीबाई, रीमा, जया, मंजू तथा आशा प्रमुख रूप से शामिल रहे। हल्द्वानी से आए मंगलमय परिवार की उपस्थिति गरिमामय रही।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *