देहरादून में 11 जुलाई से सजेगा ‘लोक संवर्धन पर्व’, जुटेंगे देशभर के अल्पसंख्यक हुनरमंद

देहरादून,  समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता को रफ्तार देने के लिए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बड़ा राष्ट्रीय आयोजन होने जा रहा है। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ‘प्रधानमंत्री विकास योजना’ के अंतर्गत आगामी 11 से 15 जुलाई तक परेड ग्राउंड में पांच दिवसीय उत्तरी क्षेत्रीय ‘लोक संवर्धन पर्व’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के तत्वाधान में होने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के छठे इवेंट का उद्घाटन सूबे के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री खजान दास करेंगे।

इस ग्रांड इवेंट में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों के अल्पसंख्यक कारीगर अपने स्वदेशी और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन व विपणन (बिक्री) करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस श्रृंखला का छठा आयोजन पहली बार उत्तराखंड में हो रहा है। इससे पूर्व दिल्ली के राजघाट, दिल्ली हाट, आईएनए के साथ जम्मू कश्मीर तथा कोच्चि (करेल) में इसका सफल आयोजन हो चुका है।

मानसून को देखते हुए डीएम ने चाक-चौबंद व्यवस्था के दिए निर्देश

बुधवार को क्लेक्ट्रेट सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि इस प्रतिष्ठित आयोजन के 6वें इवेंट हेतु उत्तराखंड का चयन होना गर्व की बात है, इसलिए भव्यता में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। मानसून सीजन को देखते हुए उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर वॉटरप्रूफ टेंट, जल निकासी, पुख्ता सुरक्षा और फायर क्लीयरेंस की विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से ‘बायर-सेलर मीट’ और उद्यमियों के बीच संवाद सत्र का आयोजन कराने के साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े एनजीओ को भी इसमें शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर निर्बाध बिजली, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने और नगर निगम को शौचालयों की सफाई के साथ-साथ डेंगू के खतरे को देखते हुए फॉगिंग व दवाओं का नियमित छिड़काव के निर्देश दिए। पुलिस विभाग को सुचारू यातायात प्लान और आवश्यक सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्थानीय कारीगरों को 40ः आरक्षण और निःशुल्क स्टॉल
राज्य के लोक उत्सव ‘हरेला’ के पावन अवसर पर आयोजित हो रहे इस पर्व में कुल 160 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें से 130 स्टॉल शिल्पकारों (कारीगरों) के लिए और 30 स्टॉल पारंपरिक व्यंजनों (फूड कोर्ट) के लिए होंगे। स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने के लिए 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड के कारीगरों के लिए आरक्षित रखे गए हैं।

चयन में इन्हें मिलेगी प्राथमिकताः
मंत्रालय के मानकों के अनुसार, महिला और युवा कारीगरों, पहली बार भाग ले रहे हुनरमंदों, लुप्त हो रही कलाओं के जानकारों और छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों (मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन व पारसी) के लाभार्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। खास बात यह है कि चयनित कारीगरों को ये स्टॉल पूरी तरह निःशुल्क आवंटित किए जाएंगे।

सांस्कृतिक संध्या बनेगी मुख्य आकर्षण
यह पांच दिवसीय पर्व 11 जुलाई से प्रतिदिन सुबह 11ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रतिदिन भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी लोक संस्कृति और कला का रंग बिखेरेंगे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश चन्द्र तिवारी, सीओ पुलिस जगदीश चन्द्र पंत, महाप्रबंधक अल्पसंख्यक कल्याण निगम डॉ शाहिद सिद्दीकी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय निदेशक जगदीश कुमार, डीजीएम एनएमडीएफसी पीएस पानवीकर सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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