कुंभ मेला तैयारियों के तहत सड़कों एवं बस अड्डों के सुदृढ़ीकरण कार्यों में तेजी

अपर मेलाधिकारी ने रुड़की और मंगलोर क्षेत्र में बस स्टेंड और सड़कों के निर्माण के कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

हरिद्वार,  कुंभ मेला-2027 के लिए कुंभ नगरी हरिद्वार को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों के सुधार एवं विस्तार के साथ ही परिवहन व्यवस्था से जुड़ी सुविधाओं और बस अड्डों को भी सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित किया जा रहा है। मेला प्रशासन द्वारा विभिन्न निर्माण एवं अवस्थापना विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने बुधवार को लक्सर, रुड़की एवं मंगलौर क्षेत्र का भ्रमण कर सड़क सुधार एवं चौड़ीकरण की योजनाओं तथा बस अड्डों के नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के साथ ही गुणवत्ता की जांच भी कराई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अपर मेलाधिकारी ने रुड़की एवं मंगलौर में कुंभ मेला की तैयारियों के तहत बस स्टैंड के नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि कुंभ मेला मद से रुड़की में 100 लाख रुपये तथा मंगलौर में 69.89 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड के नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। अपर मेलाधिकारी ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया तथा सभी निर्माण कार्य आगामी अक्टूबर माह तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बस अड्डों पर यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही बस अड्डों पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने बस अड्डों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि कुंभ मेले के दौरान बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। अपर मेलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मौके पर ही दोनों परियोजनाओं में प्रयुक्त निर्माण सामग्री के नमूने तृतीय पक्ष की जांच के लिए एकत्र करवाए।

इसके बाद अपर मेलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम के साथ पंतजली योगपीठ से सहदेवपुर-दीनारपुर-सुभाषगढ़ होते हुए पुरकाजी-लक्सर-ज्वालापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फेरूपुर तक के मार्ग के डेढ़ लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखने के लिए सड़क की खुदाई करवाकर प्रयुक्त निर्माण सामग्री, सड़क की सतह की मोटाई एवं चौड़ाई की मौके पर ही जांच कराई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अपर मेलाधिकारी ने इस मार्ग के किलोमीटर संख्या-7 पर दीनारपुर नाले पर निर्माणाधीन आरसीसी पुल का भी निरीक्षण किया। पुल निर्माण की धीमी प्रगति पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साथ ही मानसून अवधि समाप्त होते ही सड़क पर ब्लैकटॉप बिछाने का कार्य भी तत्काल शुरू कर निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ मेले की तैयारियों से जुड़े किसी भी कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अपर मेलाधिकारी ने मंगलौर-लण्ढौरा मोटर मार्ग के इंटरमीडिएट लेन से डबल लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए मौके पर खुदाई करवाकर सड़क की परतों एवं प्रयुक्त निर्माण सामग्री की जांच कराई तथा आवश्यक नमूने एकत्र करवाए। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अवशेष कार्यों को भी बिना किसी विलंब के पूरा करने के निर्देश दिए।

अपर मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ऐसे में हरिद्वार से जुड़े प्रमुख मार्गों, बस अड्डों और परिवहन सुविधाओं को समय रहते सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में सभी परियोजनाएं पूरी करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मेला अधिष्ठान के तकनीकी प्रकोष्ठ के अधीक्षण अभियंता मनोज भट्ट, सहायक अभियंता अतुल शांडिल्य, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अनिल सैनी, गणेश दत्त जोशी, ग्रामीण निर्माण विभाग की सहायक अभियंता मेघा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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