मा० उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रमुख निष्पादन संकेतकों (केपीआई) की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन कार्य में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र को जनपद स्तर पर प्रमुख निष्पादन संकेतकों (केपीआई) की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन हेतु नोडल अधिकारी नामित किया गया

सभी विभाग, नगर निकाय एवं ग्राम पंचायतें निर्धारित समय-सीमा में करें शत-प्रतिशत केपीआई प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन – जिलाधिकारी

हरिद्वार, मा० उच्चतम न्यायालय के आदेशों एवं उच्चतम न्यायालय सशक्त निगरानी समिति (एससीएमसी) द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जारी निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद स्तर पर प्रमुख निष्पादन संकेतकों (केपीआई) की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के दृष्टिगत मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र को जनपद स्तर पर प्रमुख निष्पादन संकेतकों (केपीआई) की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन हेतु नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि सभी संबंधित विभागों, नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों से अपेक्षित सूचनाएं प्राप्त कर उनका सत्यापन कराते हुए स्वच्छतम पोर्टल पर केपीआई की शत-प्रतिशत प्रविष्टि एवं समयबद्ध प्रतिवेदन सुनिश्चित कराएं, जिससे जनपद की समेकित रिपोर्ट निर्धारित समय पर राज्य स्तर को प्रेषित की जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय सशक्त निगरानी समिति (एससीएमसी) द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 10 जुलाई 2026 से विभिन्न चरणों में नामांकन, प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास की कार्यवाही प्रारंभ की गई। इसके अंतर्गत 16 एवं 17 जुलाई को स्वच्छतम पोर्टल का प्रशिक्षण तथा 18 से 20 जुलाई तक राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा जनपदों एवं नगर निकायों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 21 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक स्थानीय निकायों एवं जिला स्तर पर प्रमुख निष्पादन संकेतकों (केपीआई) की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन का कार्य स्वच्छतम पोर्टल पर किया जा रहा है। इसके उपरांत 28 से 30 जुलाई 2026 तक राज्य स्तर पर रिपोर्टों का सत्यापन एवं समेकन किया जाएगा तथा 31 जुलाई 2026 को जुलाई माह की समेकित रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय सशक्त निगरानी समिति (एससीएमसी) को प्रेषित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों, नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन कर स्वच्छतम पोर्टल पर केपीआई की शत-प्रतिशत प्रविष्टि एवं समयबद्ध प्रतिवेदन सुनिश्चित करें। प्रत्येक विभागीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रविष्टियों को तत्काल पूर्ण कराएं, जिससे जनपद की समेकित रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर राज्य स्तर पर भेजी जा सके।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया कि यह प्रकरण मा० उच्चतम न्यायालय के आदेशों से संबंधित होने के कारण “अत्यंत महत्वपूर्ण एवं शीर्ष प्राथमिकता” का विषय है। अतः सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपेक्षित कार्यवाही पूर्ण करें तथा की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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