जनपद को नशा मुक्त करने एवं नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए   सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य

जनपद के सभी शिक्षण संस्थाओं के 100 मीटर परिधि में कोई भी गुटका, तम्बाकू एवं नशे से संबंधित प्रदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के दिए निर्देश

जनपद में संचालित हो रहे सभी मेडिकल की दुकानों में लगाए जाए सीसीटीवी कैमरे

जनपद में संचालित हो रहे सभी नशा मुक्त केंद्रों का सभी संबंधित अधियारियों द्वारा किया जाए संयुक्त निरीक्षण

जनपद में कही भी नशीले प्रदार्थ की बिक्री को रोकने के लिए हेल्प लाइन नंबर 1933 पर उपलब्ध कराई जा सकती है सूचना

हरिद्वार, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में  जिला कार्यालय सभागार में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म (NCORD) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद को नशा मुक्त बनाने, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की गिरफ्त से बचाने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय एवं बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी को रोकने के लिए केवल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए इसके स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और बिक्री के स्थानों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जाए। पुलिस एवं संबंधित विभाग नियमित रूप से अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें तथा नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटका, तंबाकू तथा नशे से संबंधित किसी भी पदार्थ की बिक्री नहीं होने दी जाए। संबंधित विभाग एवं स्थानीय प्रशासन ऐसे क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें और यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों के आसपास जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए, ताकि छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल दुकानों पर प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए। संबंधित अधिकारी मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण करते हुए दवाओं की बिक्री एवं रिकॉर्ड का परीक्षण करें। बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित अथवा नशीली दवाओं की बिक्री पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नशा मुक्ति केंद्रों का संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया जाए।                  निरीक्षण के दौरान केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, पंजीकृत व्यक्तियों, उपचार व्यवस्था, चिकित्सकीय सुविधाओं, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था तथा केंद्र द्वारा निर्धारित मानकों का पालन किए जाने की स्थिति की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए आने वाले लोगों को बेहतर एवं मानवीय वातावरण उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में जनसहभागिता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि जनपद में कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1933 पर उपलब्ध कराई जा सकती है। सूचना के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाए। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाए तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, सचिव जिला विधिक प्राधिकरण सिमरनजीत कौर,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर के सिंह,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर नेहा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *