*प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों को तीन माह का राशन माह अप्रैल में अग्रिम रूप से दिया जा रहा है- श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार)*

– उत्तराखंड में होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण होंगे

– राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है

– उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी पर 6,205 निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए

– घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण सामान्य बना हुआ है, 1 मार्च 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक सिलेंडर घरों तक पहुंचाए

– राज्य में 5 किलोग्राम के 6,700 से अधिक सिलेंडर बेचे गए

मंगलवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार), ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता एवं खाद्य सुरक्षा तैयारियों और आवश्यक वस्तुओं पर अद्यतन जानकारी प्रदान की।

पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों से मीडिया को अवगत रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने दूरदर्शन केंद्र, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया।

श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार) ने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरे प्रदेश में नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है. राज्य में डीजल एवं पेट्रोल की कोई कमी नहीं है. अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने कहा कॉमर्शियल सिलेंडर के संबंध में 66 फीसदी वितरण हेतु उत्तराखंड शासन द्वारा एसओपी जारी की गई है. जिसमें होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण किए जाएंगे।

श्री पी.एस. पांगती ने कहा कि चारधाम यात्रा और शादियों के सीजन की तैयारियों हेतु विशेष तैयारी सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा एवं पयर्टन सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव, उत्तराखंड की ओर से भारत सरकार को राज्य की ओर से मांग प्रेषित कर दी गई है। जिसमें अनुरोध किया गया है कि माह अप्रैल से नवंबर तक उत्तराखंड को व्यवसायिक एलपीजी का 100 फीसदी आवंटन पूर्ववत बनाया रखा जाए. उसमें भी 5 फीसदी अतिरिक्त कोटा राज्य सरकार की तरफ से मांग की गई है।

प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 किलो के सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रदेश में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि डिलीवरी सुनिश्चित हो. उन्होंने बताया कि राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है.

भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार के राशन कार्ड धारक माह अप्रैल में तीन महीनों (अप्रैल, मई एवं जून) का एकसाथ राशन निकटतम गल्ला केंद्रों से प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को तीन महीनों का राशन एक साथ आवंटित किए जा रहे हैं।

पैनिक बुकिंग के संबंध में श्री पी.एस. पांगती ने बताया कि विगत 25 दिन में 15 मार्च को राज्य में सबसे ज्यादा पैनिक बुकिंग की गई थी. जिसकी संख्या 90 हजार थी. लेकिन दिनांक 6 अप्रैल को स्थिति सामान्य हुई है. जिसकी संख्या 45 हजार रही। फिलहाल प्रदेश में एलपीजी बुकिंग सामान्य स्थिति में है.

पीएनजी के संबंध मेंं उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है. भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी विस्तार को लेकर भी उत्तराखंड में सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं।

राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं.

उत्तराखंड में वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को लेकर वन विभाग द्वारा सभी लकड़ी के टॉल्स में पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है.

उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 6,205

निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *