*कांवड़ मेला संपन्न होते ही कुंभ-2027 की अवस्थापना परियोजनाओं में आएगी तेजी*

*निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे होंगे सभी निर्माण कार्य : मेलाधिकारी सोनिका*

*पांच नए पुलों की गुणवत्ता की जांच आईआईटी रुड़की से कराई जाएगी*

*हरिद्वार।कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत कुंभ मेला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संचालित अवस्थापना विकास परियोजनाओं को कांवड़ मेला संपन्न होते ही पूरी गति से आगे बढ़ाया जाएगा। मेला प्रशासन ने इसके लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि कांवड़ मेला के कारण प्रभावित सभी परियोजनाओं पर पूर्ण क्षमता के साथ कार्य प्रारंभ किया जा सके।

इसी क्रम में बुधवार को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुंभ मेला के निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला संपन्न होते ही सभी परियोजना स्थलों पर युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ किया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही सभी प्रमुख परियोजनाओं की नियमित थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए इस बार पांच नए पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। मेलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के अभियंताओं को इन पुलों का निर्माण निर्धारित समय में पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पुलों की गुणवत्ता का परीक्षण आईआईटी रुड़की से भी कराया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य उच्चतम तकनीकी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित हो सके। उन्होंने मेला प्रशासन एवं तकनीकी सेल के अधिकारियों को पुलों के स्टील स्ट्रक्चर निर्माण की प्रगति का संबंधित वर्कशॉप में जाकर स्थलीय निरीक्षण करने तथा गुणवत्ता की सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने बस अड्डों एवं पार्किंग स्थलों के निर्माण, प्रमुख चौराहों के सुधार, फुटपाथ एवं पैदल मार्गों के विकास, फसाड लाइटिंग तथा शहर के सौंदर्यीकरण से संबंधित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्षाकाल समाप्त होते ही कुंभ शिविरों के लिए चिन्हित भूमि की सफाई एवं समतलीकरण का कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए, ताकि आगामी निर्माण गतिविधियां बिना किसी विलंब के संचालित की जा सकें।

मेलाधिकारी ने कुंभ मेला मद से स्वीकृत सभी सड़कों, पुलों, घाटों एवं अन्य विकास परियोजनाओं के साथ व्यापक पौधारोपण सुनिश्चित कर हरित आवरण का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों एवं पुलों के किनारों से अतिक्रमण तत्काल हटाने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो संबंधित कार्यदायी संस्था का भुगतान रोक दिया जाएगा।

बैठक में विभिन्न स्थानों पर जलभराव की समस्या का भी गंभीरता से संज्ञान लिया गया। मेलाधिकारी ने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, वित्त नियंत्रक श्री लखेन्द्र गौंथियाल, तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता श्री प्रवीण कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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