हरिद्वार में बनेगें बासमती राइस उत्पादन क्लसटर -मुख्य विकास अधिकारी

हरिद्वार। हरिद्वार जिले में बासमती बाग देहरादून बासमती के क्लस्टर आधारित खेती हेतु कवायद शुरू हो गई है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी डा0 ललित नारायण मिश्र के निर्देशन में बासमती धान का उत्पादन शुरू करने हेतु एक रणनीति तैयार की गई है।
बासमती धान को जिले में प्रोत्साहन हेतु विशेष कार्ययोजना को अन्तिंम रूप दिया जा रहा है। इस के तहत प्रथम चरण में 100 एकड़ क्षेत्रफल में बासमती धान के उत्पादन हेतु 100 कास्तकारों का चयन किया गया है। जनपद के बहादराबाद एवं भगवानपुर विकासखण्डो के 50-50 एकड़ के दो कलस्टर बनाएं गये है। जिसके प्रत्येक विकासखण्डो में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की महिला लाभार्थियों, कृषि विभाग के कास्तकारों तथा ट्राइबल कम्युनिटी गुजर समुदाय के लोगों को चिन्हित किया गया है। बासमती राइस को फॉर्म टू टेबल के सिघांनत पर पूर्ण वैल्यू चेन के तहत विकसित किया जाएगा।
इस गतिविधि को मूल रूप देने के लिए विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र कि अध्यक्षता में एक स्टेक होल्डर समन्वयन बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद में बासमती धान के प्रगतिशील किसान सहित,कृषि विभाग, ग्रामोत्थान (रीप) परियेजना के स्टाफ तथा कृषि विभाग केन्द्र देहरादून के बासमती धान वैज्ञानिक विशेषज्ञ ने प्रतिभाग कर इस कार्यशाला की रूप रेखा गठित की।
बैठक में डा0 संजय कुमार वैज्ञानिक बासमती राइस के समस्त प्रतिभागीयों को बासमती राइस के परिचय से शुरूवात कर उसकी पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज तथा उत्पादन तकनीकी,नर्सरी प्रबन्धन, रोग एवं कीटों के निस्पादन की पूर्ण जानकारी प्रदान की तथा पूर्व व वर्तमान के बासमती धान की खेती कर रहें किसानों/कास्तकारो एवं विभागो से उनके अनुभव भी साझा किये गये। बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सभी कास्तकारों को निर्देशित किया कि वे इस कार्य को शुरू करने से लेकर अन्तिम पड़ाव तक लेकर जायेगें। तथा इससे आने वाली किसी भी समस्या एवं चुनौतियों का समाधान तुरंत किया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक कास्तकार इससे प्रेरित होकर बासमती धान के उत्पादन में सक्रिया भूमि निभा सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि बासमती राइस को मिशन मोड में विकसित किया जाएगा, इसमें जनपद के काफी युवा भी इस गतिविधि में शामिल होने के लिए तैयार है। बासमती धान की परंपरागत प्रजाति उत्पादन सरक्षण व इसमें ब्रान्डिंग व पैकेंजिग कर एक्सपर्ट करने का भी कार्य योजना तैयार की गई है। जिससे इस कार्य में जुडे प्रत्येक स्टेकहोल्डर को लाभ मिल सकें तथा कास्तकारों को उनके उत्पादन का बेहतरीन मूल्य प्राप्त हो सके।
बैठक का संचालन जिला परियोजना प्रबन्धक ग्रामोत्थान (रीप) संजय कुमार सक्सेना के द्वारा इस कार्यशाला की रूपरेखा,उद्देश्य तथा इसकी क्रियान्वयन की पूर्ण प्रक्रिया सहित इसके एक्सपोर्ट पोटेंशियल इत्यादि पर जानकारी प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि बासमती राइस के क्लस्टर चयन का कार्य परियोजना के लाभार्थियोे/स्वयं सहायता समूहों व सहकारिता के सदस्यों का चयन करके किया जाएगा। इससे आजीविका में परियोजना लाभार्थियों को परियोजना मानकों के अनुसार सहयोग प्रदान किया जा रहा है। परियोजना बासमती राइस को हरिद्वार जिलें में स्पेशलिटी राइस वैल्यू चेन में गेम चेंजर के रूप में रखकर कार्य कर रही है। इससे सभी सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं को विधिवत अध्यन कर इसके क्रियान्वयन को अन्तिम रूप प्रदान किया जा चूका है।
बैठक में जिला विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी,जिला परियेजना प्रबन्धक, ग्रामोत्थान (रीप) कृषि विभाग एवं रीप जिला स्तरीय टीम व बहादराबाद, भगवानपुर विकासखण्डो के तकनीकि स्टाफ सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये किसानो ने प्रतिभा किया।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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