*कैंसर पीड़ित परिवार को मिली बड़ी राहत; 71 हजार ऋण माफ, 50 हजार की आर्थिक सहायता*

*कैंसर पीड़ित पति, दयनीय आर्थिक स्थिति; सर पर कर्ज; दो मासूम नौनिहालों की जिम्मेदारी के बीच असहाय संध्या को मिला जिला प्रशासन का सहारा*

*जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से जमा कराया 71 हजार का ऋण, रायफल क्लब मद से 50 हजार की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान*

*मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों को धरातल पर उतार रहा जिला प्रशासन; जरूरतमंदों तक पहुंच रही प्रशासनिक सहायता*

*जिला स्तरीय प्रोजेक्टों के माध्यम से असहाय परिवारों को मिल रहा संबल*

*आकस्मिक संकट का सामना कर रहे परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को जिला प्रशासन प्रतिबद्ध*

*देहरादून।मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों को धरातल पर उतारते हुए जिला प्रशासन देहरादून लगातार मानवीय संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई के साथ जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न जिला स्तरीय प्रोजेक्ट, सीएसआर फंड, रायफल क्लब मद तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से अनेक असहाय एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।

मा0 मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनमानस की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर संवेदनहीनता अथवा योजनाओं के लाभ से वंचित होने जैसी स्थिति नहीं आनी चाहिए। यदि किसी जरूरतमंद, असहाय अथवा पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचने में किसी प्रकार का गैप रह जाता है, तो जिला प्रशासन अपने स्तर पर उस कमी को पूरा करते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराए।

जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील समाधान हेतु प्रतिबद्ध जिला प्रशासन ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आर्थिक संकट से जूझ रहे एक कैंसर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत प्रदान की है। इसी क्रम में हाल ही में रायपुर क्षेत्र की एक महिला, जिनके पति कैंसर से पीड़ित हैं और परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, को जिला प्रशासन द्वारा बड़ी राहत प्रदान की गई। परिवार पर लगभग 71 हजार रुपये का ऋण बकाया था तथा लगातार इलाज एवं घरेलू खर्चों के कारण परिवार दयनीय स्थिति में पहुंच चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से ऋण की सम्पूर्ण धनराशि जमा कराते हुए संबंधित परिवार को ऋणमुक्त कराया। साथ ही अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई

रायपुर विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम द्वारा मालदेवता निवासी संध्या रमोला ने जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष प्रस्तुत होकर प्रार्थना पत्र के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं तथा उनका उपचार हिमालय अस्पताल में चल रहा है। गंभीर बीमारी और लगातार कीमोथेरेपी के चलते उनके पति कार्य करने में असमर्थ हो गए हैं, जबकि परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर निर्भर थी।

संध्या ने अवगत कराया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक की आयु लगभग तीन वर्ष तथा दूसरे की छह वर्ष है। लगातार इलाज, दवाइयों एवं घरेलू खर्चों के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 45 हजार रुपये तथा वर्ष 2025 में 37 हजार रुपये का ऋण स्वयं सहायता समूह संचालन एवं स्वरोजगार हेतु बैंक से लिया गया था, किंतु पति की बीमारी के चलते वह ऋण की किश्तें जमा नहीं कर पाईं। परिणामस्वरूप बैंक द्वारा लगभग 71 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया तथा एजेंटों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने से परिवार मानसिक तनाव से भी गुजर रहा था। इसी के चलते उन्होंने जिलाधिकारी से ऋण माफी एवं आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जिला प्रशासन के सीएसआर फंड से 71 हजार रुपये की धनराशि सीधे ऋण खाते में जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित बैंक को नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त रायफल क्लब मद से संध्या रमोला के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का समाधान सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऐसे परिवार जो किसी कारणवश योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं अथवा आकस्मिक संकट का सामना कर रहे हैं, उन्हें जिला प्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, निराश्रित महिलाओं, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तथा आपात परिस्थितियों से प्रभावित नागरिकों को विभिन्न माध्यमों से सहायता प्रदान की जा रही है। प्रशासन की यह पहल शासन की जनकल्याणकारी सोच, संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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