*उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक मां पूर्णागिरि मेले 2026 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ*

*पूर्णागिरि मेले को पूरे वर्ष भर चलाने का किया जायेगा प्रयास – मुख्यमंत्री*

*संस्कृति, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण चम्पावत को बुनियादी सुविधाओं से सशक्त करना है हमारा लक्ष्य*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर में ऐतिहासिक मॉ पूर्णागिरि मेले का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग का निर्माण, कालीगूठ- पूर्णागिरि विभिन्न मेला स्थलों का सौंदर्यकरण, तामली से रूपालीगढ़ होते हुए सीम तक मोटर सड़क मार्ग का निर्माण, मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण, मंच-लेठी- वमनगांव- तरकुली- आवड़ा-सेम-चूका तक मोटर रोड का सुधारीकरण का कार्य के साथ ही मां पूर्णागिरि के आंतरिक क्षेत्र का विकास एवं विश्राम रोड़ एवं पुलिया निर्माण कार्य किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो घोषणाएं आज इस अवसर पर की गई हैं जिला प्रशासन त्वरित रूप से इन घोषणाओं में बिना विलंब के कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि को देवताओं का धाम बताते हुए कहा कि प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है। मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरि से प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस मेले को सालभर संचालित करने का संकल्प लेते हुए कहा कि पूर्णागिरि धाम को स्थायी संरचनाओं से सुसज्जित करने का लक्ष्य तय किया गया है। आगामी वर्षों में यह स्थान और भी भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड सरकार माँ पूर्णागिरि धाम के विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आने वाले समय में इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्कृति आस्था एवं प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण चम्पावत को बुनियादी सुविधाओं से सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने जनपद में संचालित विभिन्न विकासपरक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टनकपुर बस स्टेशन को 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इंटर स्टेट बस टर्मिनल के रूप में विकसित किये जाने से परिवहन सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण और उनके रास्तों का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके। माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को और सुविधाजनक बनाना है, बल्कि पूरे चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना भी है।

पर्यटन सर्किट के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जाएगा, जिससे चम्पावत को धार्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना माँ पूर्णागिरि मेले को 12 महीने संचालित करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि संपूर्ण चंपावत को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित व अग्रणी बनाने का कार्य किया जा रहा है। कनेक्टिविटी तथा शिक्षा के क्षेत्र में अनेकों कार्य किये जा रहे हैं। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का एक कैंपस चंपावत में आईटी लैब तथा महिला छात्रावास का निर्माण किया गया है। जिला मुख्यालय में 55 करोड़ की धनराशि से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जिससे आने वाले समय में सभी विद्यार्थियों व नौनिहालों को ज्ञान, विज्ञान व तकनीकी और नवाचार हेतु प्रेरित करने हेतु साइंस सिटी बड़ा माध्यम बनेगी। साथ ही विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट में 237 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर होने के साथ ही 16 करोड़ की लागत से पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओ का विस्तार करने हेतु जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है। 28 करोड़ की धनराशि की लागत से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान के भवन निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही अपनी नीतियों और निर्णय के माध्यम से पर्यटन को प्रोत्साहित करने व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु ठोस कार्य किया जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा टनकपुर में 38 वे राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं से राफ्टिंग को नई पहचान मिली बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग यहां राफ्टिंग के लिए आ रहे है। टनकपुर क्षेत्र श्रद्धा और साहसिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभर रहा है। श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रत्येक ओर से जनपद को अग्रणी बनाने का लक्ष्य लेकर निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मेला समिति को आश्वास्थ करते हुए कहा कि यह मेला हमारी प्राथमिकता है। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को आतिथ्य प्रदान करना व अच्छी सुविधा व स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो, यह हमारी कर्तव्य है। ताकि प्रत्येक वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु अपना अच्छा अनुभव लेकर जाएं और मेले के अच्छे अनुभव लोगों को साझा कर उन्हें भी मेले में आने के लिए प्रेरित करें। पूरा मेला क्षेत्र तथा हमारा शहर स्वच्छ हो आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हो, जगह-जगह बने शौचालय साफ हो, धर्मशाला की स्थिति अच्छी हो आदि।

सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार की नीतियों तथा निर्णयों से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है। इस अवसर पर अध्यक्ष, जिला पंचायत चम्पावत श्री आनंद सिंह अधिकारी, उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा विश्वकर्मा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर श्री दीपक रजवार, चम्पावत श्री प्रकाश तिवारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, उपाध्यक्ष भुवन पांडे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरस्वती चंद, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव, सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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